आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पांच साल पहले ही डिटेक्ट करेगा ब्रेस्ट कैंसर, आनंद महिंद्रा का दावा

नईदिल्ली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इन दिनों चर्चा में है। इसके इस्तेमाल और फीचर्स पर दुनिया भर में चर्चा हो रही है। कई लोग इससे होने वाले फायदे के बारे में बात करते हैं, तो कुछ लोग इसके नुकसान के बारे में चर्चा करते हैं। वहीं, भारतीय बिजनेसमैन आनंद महिंद्रा ने AI के पूर्ण इस्तेमाल की […]

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पांच साल पहले ही डिटेक्ट करेगा ब्रेस्ट कैंसर, आनंद महिंद्रा का दावा

नईदिल्ली
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इन दिनों चर्चा में है। इसके इस्तेमाल और फीचर्स पर दुनिया भर में चर्चा हो रही है। कई लोग इससे होने वाले फायदे के बारे में बात करते हैं, तो कुछ लोग इसके नुकसान के बारे में चर्चा करते हैं। वहीं, भारतीय बिजनेसमैन आनंद महिंद्रा ने AI के पूर्ण इस्तेमाल की बात की है। उन्होंने कहा है कि एआई को बड़े काम की टेक्नोलॉजी बताया है और कहा है कि यह फोटो बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उससे कई ज्यादा उपयोगी हो सकता है।

AI से डिटेक्ट करेगा ब्रेस्ट कैंसर

हाल ही में अमेरिका की Duke University के रिसर्चर ने एक New AI डेवलप किया है। इसके रिसर्चर ने दावा किया है कि, AI ब्रेस्ट कैंसर को उसके डेवलप होने से लगभग पांच साल पहले ही डिटेक्ट कर सकता है। अब आनंद महिंद्रा ने साइंस न्यूज नाम के हैंडल पर की गई पोस्ट को रिपोस्ट किया है। उन्होंने इस पर लिखा है कि यह बहुत काम का साबित हो सकता है।

कैंसर को डिटेक्ट करने का ये है तरीका

कैंसर का पता लगाने के लिए फिलहाल Biopsies, Microscopic Histological एग्जामिनेशन मेथड का इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा इमेजिंग टेक्नोलॉजी जैसे MRI, CT स्कैन और PET स्कैन हैं। अब रिसर्चर्स ने दावा किया है कि AI की मदद से एक्यूरेसी के साथ कैंसर की रिपोर्ट दे सकता है।

X प्लेटफॉर्म पर किया पोस्ट

महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन ने X प्लेटफॉर्म (पूर्व नाम Twitter) पर अपनी इस राय को शेयर किया. उन्होंने अपने इस पोस्ट में साइंस न्यूज के पोस्ट को रिपोस्ट किया है.
आनंत महिंद्रा का x पर पोस्ट

हाल ही में अमेरिका बेस्ड Duke University के रिसर्चर ने एक New AI डेवलप किया है. यह AI मॉडल कैंसर डेवलप होने से करीब 5 साल पहले कैंसर को बता देगा. ये दावा रिसर्चर ने किया है.

कैंसर पता लगाने का असली तरीका

कैंसर का पता लगाने के लिए, जो ट्रेडिशनल तरीका है, वो Biopsies, Microscopic Histological एग्जामिनेशन है. इसके अलावा इमेजिंग टेक्नोलॉजी जैसे MRI, CT और PET Scans हैं. वहीं, AI सिर्फ मेडिकल इमेज को एनालाइज करके ज्यादा बेहतर एक्युरेसी के साथ कैंसर की रिपोर्ट दे सकता है, जो दावा रिसर्चर ने किया है.

आनंद महिंद्रा ने AI की थी आलोचना

आनंद महिंद्रा ने बीते साल एक पोस्ट करके एक फोटो भी पोस्ट की थी. यह फोटो उनकी हमशक्ल थी और उसे AI से बनाता था, जिसमें वे होली के रंग के साथ दिखाए गए थे. तब उन्होंने कहा था कि यह कई लोगों के लिए काफी खतरनाक साबित हो सकता है. यहां आनंद महिंद्रा को उस फॉर्म में दिखाया था, जिसे उन्होंने असली दुनिया में किया ही नहीं था.