भोपाल। करदाताओं के लिए राहत की उम्मीद जगाते हुए भोपाल चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज़ ने आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग की है। चेंबर की ओर से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को भेजे गए निवेदन पत्र में कहा गया है कि मौजूदा स्थिति में रिटर्न दाखिल करने की समयसीमा 31 दिसम्बर 2025 तक बढ़ाई जाए।
चेंबर के अध्यक्ष डॉ. तेजकुलपाल सिंह पाली ने बताया कि वर्तमान में आयकर रिटर्न दाखिल करने की समयसीमा 15 सितम्बर 2025 (ऑडिट मामलों के लिए) और 30 सितम्बर 2025 (अन्य मामलों के लिए) तय है। लेकिन इस अवधि में श्राद्ध पक्ष, त्यौहार और विवाह सीजन जैसी सामाजिक व पारिवारिक व्यस्तताएँ अधिक रहती हैं। साथ ही व्यापारियों की कारोबारी गतिविधियाँ भी चरम पर होती हैं, जिससे समय पर रिटर्न दाखिल करना मुश्किल हो रहा है।
उन्होंने बताया कि करदाताओं को आयकर विभाग के पोर्टल पर भी तकनीकी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। फॉर्म अपलोड और संशोधन की प्रक्रिया में बार-बार रुकावट आने से करदाताओं पर अतिरिक्त बोझ बढ़ता है। ऐसे हालात में अंतिम तिथि बढ़ाना व्यावहारिक और आवश्यक कदम होगा।
चेंबर ने अपने निवेदन में कहा है कि यदि समयसीमा 31 दिसम्बर तक बढ़ा दी जाती है तो न केवल करदाताओं को राहत मिलेगी बल्कि आयकर विभाग को भी व्यवस्थित और सटीक ढंग से रिटर्न प्राप्त करने में आसानी होगी।
डॉ. पाली ने विश्वास जताया है कि वित्त मंत्रालय इस मांग पर गंभीरता से विचार करेगा और करदाताओं को अतिरिक्त समय प्रदान करेगा। उनका कहना है कि यह कदम व्यापार जगत और विभागीय कार्यप्रणाली—दोनों के हित में साबित होगा।
विशेषज्ञों की राय
कर विशेषज्ञों का मानना है कि भोपाल चेंबर की यह मांग समयोचित है। चार्टर्ड अकाउंटेंट्स का कहना है कि हर वर्ष अंतिम तारीख नजदीक आने पर करदाताओं को पोर्टल की तकनीकी खामियों और अत्यधिक दबाव का सामना करना पड़ता है। ऐसे में यदि अंतिम तिथि बढ़ाकर 31 दिसम्बर कर दी जाती है तो करदाताओं को पर्याप्त समय मिलेगा और विभागीय कामकाज भी व्यवस्थित तरीके से संपन्न होगा।
एक वरिष्ठ कर सलाहकार ने कहा, “रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया केवल कर अदायगी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें आय-व्यय का विस्तृत विश्लेषण, दस्तावेज़ तैयार करना और क्लाइंट्स के साथ समन्वय करना भी शामिल है। ऐसे में समयसीमा बढ़ाना बेहद ज़रूरी हो गया है।”
