भोपाल। एलएनसीटी यूनिवर्सिटी, भोपाल ने एक बार फिर नवाचार और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अपनी अग्रणी भूमिका साबित की है। विश्वविद्यालय परिसर में NASA International Space Apps Challenge 2025 का सफल आयोजन हुआ। यह विश्वव्यापी 48 घंटे का हैकाथॉन नासा और उसकी साझेदार अंतरिक्ष एजेंसियों द्वारा आयोजित किया जाता है, जिसमें दुनिया भर के छात्र, शोधकर्ता और नवोन्मेषक एक साथ मिलकर पृथ्वी और अंतरिक्ष से जुड़ी समस्याओं के समाधान खोजते हैं।
एलएनसीटी यूनिवर्सिटी में आयोजित इस चुनौतीपूर्ण आयोजन में बड़ी संख्या में छात्रों और तकनीकी नवोन्मेषकों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने NASA और उसकी सहयोगी एजेंसियों के ओपन डेटा का उपयोग कर कई प्रायोगिक और अभिनव समाधान विकसित किए। इन समाधानों का उद्देश्य न केवल वैज्ञानिक दृष्टिकोण को सशक्त बनाना था, बल्कि अंतरिक्ष अनुसंधान, पर्यावरण संरक्षण और पृथ्वी विज्ञान से जुड़ी समस्याओं के लिए उपयोगी तकनीक विकसित करना भी था।

कार्यक्रम के स्थानीय लीड सिद्धार्थ चौरे ने बताया कि इस आयोजन ने छात्रों के भीतर छिपी रचनात्मकता और तकनीकी समझ को एक वैश्विक मंच प्रदान किया है। उन्होंने प्रतिभागियों के उत्साह और मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि “यह आयोजन भोपाल को प्रौद्योगिकी और नवाचार के एक उभरते केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”
48 घंटे तक चले इस मैराथन इनोवेशन सत्र के दौरान प्रतिभागियों ने कोडिंग, डेटा विश्लेषण, डिजाइनिंग और सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। जूरी द्वारा मूल्यांकन के बाद चयनित विजेता टीमें अब वैश्विक मूल्यांकन चरण में जाएंगी, जहाँ वे NASA की अंतरराष्ट्रीय टीम के समक्ष अपने विचार और प्रोजेक्ट प्रस्तुत करेंगी।

इस प्रतियोगिता में चुनी गई टीमों को न केवल NASA से अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त करने का अवसर मिलेगा, बल्कि उन्हें भविष्य की वैज्ञानिक परियोजनाओं और शोध कार्यक्रमों में भाग लेने के भी अवसर मिल सकते हैं।
एलएनसीटी यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने इस आयोजन को छात्रों के लिए प्रेरणादायक बताया और कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार की भावना और वैश्विक प्रतिस्पर्धा की क्षमता विकसित करते हैं।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यह आयोजन उनके लिए “सीखने और सहयोग” का एक अनोखा मंच साबित हुआ। नासा द्वारा दी गई चुनौतियों को सुलझाते हुए उन्होंने अंतरिक्ष विज्ञान और डेटा-आधारित नवाचार की नई संभावनाओं को नजदीक से समझा।
फोकस पॉइंट:
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48 घंटे का वैश्विक हैकाथॉन एलएनसीटी यूनिवर्सिटी, भोपाल में आयोजित।
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नासा के ओपन डेटा का उपयोग कर छात्रों ने बनाए अभिनव तकनीकी समाधान।
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स्थानीय लीड सिद्धार्थ चौरे ने नवोन्मेषी प्रयासों की सराहना की।
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विजेता टीमें अब वैश्विक मूल्यांकन चरण में पहुँचेंगी और NASA से मान्यता पाने का अवसर पाएंगी।
