निजी बैंकों के राष्ट्रीयकरण की मांग को लेकर बैंक कर्मियों का देशव्यापी प्रदर्शन

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विवेक झा, भोपाल | 
ऑल इंडिया बैंक एम्प्लाईज एसोसिएशन (AIBEA) के आह्वान पर आज 11 नवंबर 2025 (मंगलवार) को देशभर में निजी क्षेत्र के बैंक कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। इसी क्रम में राजधानी भोपाल में मध्य प्रदेश बैंक एम्प्लाईज एसोसिएशन की स्थानीय इकाई द्वारा शिवाजी नगर स्थित कर्नाटका बैंक शाखा के सामने शाम 5:30 बजे प्रभावी प्रदर्शन आयोजित किया गया।

राजधानी के विभिन्न बैंकों में कार्यरत सैकड़ों बैंककर्मियों ने रैली निकालते हुए निजी बैंक कर्मचारियों की मांगों के समर्थन में नारे लगाए और सरकार से जल्द हस्तक्षेप की मांग की।

प्रमुख मांगें

प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने अपनी 9 प्रमुख मांगें रखीं, जिनमें शामिल हैं:

  1. सभी निजी बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया जाए।

  2. नियमित लिपिक और सब-स्टाफ संवर्ग में पर्याप्त भर्ती की जाए।

  3. फेडरल बैंक में उत्पीड़न पर रोक लगाई जाए।

  4. सीएसबी बैंक में लंबित वेतन संशोधन शीघ्र किया जाए।

  5. निजी बैंकों के पेंशनभोगियों को एक्सग्रेशिया (अनुग्रह राशि) प्रदान की जाए।

  6. नैनीताल बैंक को न बेचा जाए, बल्कि इसे बैंक ऑफ बड़ौदा में विलय किया जाए।

  7. तमिलनाडु मर्केंटाइल बैंक में सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष की जाए।

  8. सभी C2C (कॉन्ट्रैक्ट-टू-कॉन्ट्रैक्ट) कर्मचारियों को नियमित किया जाए।

  9. निजी बैंकों के पेंशन फंड को CBDT से कर छूट प्रदान की जाए।

सभा में गरजे बैंक कर्मचारी नेता

प्रदर्शन के पश्चात हुई सभा में कई बैंक कर्मचारी नेताओं ने भाग लिया।
वी. के. शर्मा, दीपक रत्न शर्मा, जे. पी. झवर, गुणशेखरन, देवेंद्र खरे, विशाल धमेजा, जितेंद्र चोइथानी, महेंद्र गुप्ता, सत्येंद्र चौरसिया, एस. के. घोटनकर, अमित गुप्ता, वैभव गुप्ता, संतोष मालवीय, विवेक मालवीय, के. वासुदेव सिंह, प्रदीप बगेले और रीता धाकड़ ने सभा को संबोधित किया।

वक्ताओं ने कहा कि सरकारी बैंकों ने देश के विकास और रोजगार सृजन में अग्रणी भूमिका निभाई है, जबकि निजी बैंक लगातार मुनाफा बढ़ाने की होड़ में कर्मचारियों पर अतिरिक्त काम का बोझ डाल रहे हैं। पर्याप्त भर्ती न होने से बैंक कर्मियों पर कार्यभार असहनीय स्तर तक बढ़ गया है और इससे ग्राहक सेवा पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि फेडरल बैंक में प्रबंधन द्वारा कर्मचारियों के उत्पीड़न को तुरंत रोका जाए, और सीएसबी बैंक में लंबित वेतन समझौता जल्द से जल्द किया जाए।

“राष्ट्रहित में निजी बैंकों का राष्ट्रीयकरण जरूरी” — वी.के. शर्मा

सभा को संबोधित करते हुए वी. के. शर्मा, महासचिव, मध्य प्रदेश बैंक एम्प्लाईज एसोसिएशन ने कहा कि देश के आर्थिक हित और रोजगार सुरक्षा के लिए निजी बैंकों का राष्ट्रीयकरण समय की मांग है।
उन्होंने कहा कि जब सरकारी बैंक जनकल्याण योजनाओं के कार्यान्वयन में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं, तब निजी बैंकों को भी सार्वजनिक जवाबदेही के दायरे में लाना आवश्यक है।

शर्मा ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इन मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया, तो 10 दिसंबर 2025 को नई दिल्ली में संसद के सामने धरना प्रदर्शन किया जाएगा, और जनवरी 2026 में राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल आयोजित की जाएगी।

कई बैंक कर्मी संगठनों की रही भागीदारी

प्रदर्शन में राजधानी के कई प्रमुख बैंक शाखाओं के कर्मचारी शामिल हुए।
उपस्थित प्रमुखों में वी. के. शर्मा, दीपक रत्न शर्मा, जे. पी. झवर, गुणशेखरन, देवेंद्र खरे, विशाल धमेजा, सत्येंद्र चौरसिया, संतोष मालवीय, एस. के. घोटनकर, महेंद्र गुप्ता, रीता धाकड़, अमित गुप्ता, वैभव गुप्ता, विनय नेमा, प्रदीप बगेले, संतोष मालवीय, विवेक मालवीय, सुदेश कल्याणे, मोहन कल्याणे, रोहित, सुरेश नायर, भागवत सिंह वर्मा, रश्मि पांडे, जितेंद्र चोइथानी, के .वासुदेव सिंह,डी के सिंह, मनीष यादव, मनोज गढ़वाल, शैलेंद्र नरवरे, मनीषा शर्मा, समीर लोनारे, मेहुल, अरुण जैन और बारेलाल कांबले शामिल रहे।

सभा के अंत में सभी कर्मचारियों ने एक स्वर में घोषणा की —
“एकता हमारी ताकत है, न्याय हमारी मांग है!”

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