विवेक झा, भोपाल/विशाखापत्तनम |
केनरा बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन का 20वां त्रिवार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन इस महीने की 8 नवंबर से आरंभ होकर सोमवार को विशाखापत्तनम में भव्यता के साथ संपन्न हुआ। देश के विभिन्न राज्यों से आए बैंक अधिकारियों और प्रतिनिधियों की उपस्थिति में आयोजित इस तीन दिवसीय सम्मेलन में बैंकिंग क्षेत्र के विकास, अधिकारियों के कल्याण और संगठन की एकजुटता पर विस्तार से चर्चा हुई।
उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में केनरा बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी के. सत्यनारायण राजू ने शिरकत की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि केनरा बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन बैंक की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने महासचिव के. रविकुमार की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में देशभर के बैंक अधिकारी जिस निष्ठा और समर्पण से बैंकिंग सेवाएं दे रहे हैं, वह देश की आर्थिक मजबूती में योगदान दे रही हैं।
श्री राजू ने कहा, “जब मैं रविकुमार के प्रयासों, मेहनत, दूरदर्शिता और नेतृत्व को देखता हूँ, तो खुद को आईने में देखता हूँ।” उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि उनके जीवन की सफलता का श्रेय उनकी माँ श्रीमती राम सीता को जाता है, जिनके जीवन पर आधारित पुस्तक “द मास्टर स्टिच” का इस अवसर पर विमोचन किया गया।
एकता ही ताकत, बैंक का विकास ही लक्ष्य — रविकुमार
महासचिव के. रविकुमार ने अपने संबोधन में कहा कि देशभर के बैंक अधिकारियों की एकता ही एसोसिएशन की असली ताकत है। इसी एकता के बल पर केनरा बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन आज देश का दूसरा सबसे बड़ा ट्रेड यूनियन बना है। उन्होंने कहा कि बैंक अधिकारियों की समस्याओं का समाधान और बैंक के विकास को आगे बढ़ाना ही संगठन का उद्देश्य है।

रविकुमार ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में केनरा बैंक का कारोबार सात लाख करोड़ रुपये तक पहुँच चुका है, जो बैंक अधिकारियों की मेहनत और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने बैंक प्रबंधन, विशेषकर एमडी श्री सत्यनारायण राजू, को एसोसिएशन की मांगों को पूरा करने और अधिकारियों के कल्याण में सहयोग देने के लिए धन्यवाद दिया।
100 प्रस्ताव हुए पारित, एआई युग के लिए तैयारी का आह्वान
सम्मेलन के दूसरे दिन विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों ने महासचिव की रिपोर्ट पर चर्चा की। इस दौरान बैंक अधिकारियों के सामने आने वाली चुनौतियों, कार्य स्थितियों और नई तकनीकी जरूरतों पर विमर्श किया गया।
कुल 100 प्रस्तावों पर विचार कर उन्हें सर्वसम्मति से पारित किया गया। महासचिव ने कहा कि इन प्रस्तावों पर जल्द ही बैंक प्रबंधन से चर्चा कर उन्हें लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाया जाएगा।
रविकुमार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक से आने वाले बदलावों के लिए अधिकारियों से तैयारी करने और नई कार्यप्रणालियों का ज्ञान विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि एसोसिएशन सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण के किसी भी प्रयास का दृढ़ विरोध करेगी।
नई केंद्रीय समिति का चुनाव — रविकुमार फिर बने महासचिव
सम्मेलन के अंतिम दिन कोषाध्यक्ष ने तीन वर्षों की वित्तीय रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें सदस्यों के लिए चलाई गई कल्याणकारी योजनाओं और कार्यक्रमों का विवरण दिया गया। उपस्थित सदस्यों ने उन्हें वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता के लिए बधाई दी।
इसके बाद नई केंद्रीय समिति का चुनाव हुआ।
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के. रविकुमार को तीसरी बार महासचिव चुना गया।
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राजीव निगम बने अध्यक्ष,
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पी. जैकब को चेयरमैन
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और राम प्रसाद को वरिष्ठ उपाध्यक्ष चुना गया।
भोपाल से चुने गए प्रतिनिधियों में संजय गोयल (वाइस चेयरमैन), के.के. त्रिपाठी (ऑल इंडिया वाइस प्रेसिडेंट), विभू जोशी (सी.सी. मेंबर), टी.एन. वेंडिया (डी.जी.एस.) और मनीष चतुर्वेदी (ए.जी.एस.) शामिल हैं।
रविकुमार को तीसरी बार महासचिव चुने जाने पर सभी सदस्यों ने उनका अभिनंदन किया। उन्होंने संगठन के 50,000 सदस्यों को विश्वास और समर्थन के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि वह संगठन की मजबूती और अधिकारियों के हित के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करते रहेंगे।
सम्मेलन की सफलता पर स्वागत समिति को बधाई
सम्मेलन के समापन सत्र में महासचिव रविकुमार ने देशभर से आए प्रतिनिधियों और अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने तीन दिनों तक चले इस राष्ट्रीय सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए स्वागत समिति के अध्यक्ष श्री राम प्रसाद और उनकी टीम को विशेष बधाई दी।
