विवेक झा, भोपाल। शेयर बाजार को लेकर आम निवेशकों के बीच बनी भ्रांतियों को दूर करते हुए आनंद राठी ग्रुप के चेयरमैन सीए आनंद राठी ने कहा कि “शेयर बाजार सट्टा नहीं, बल्कि धन सृजन का सबसे सशक्त माध्यम है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि निवेशक अनुशासन, सही समझ और दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ निवेश करें, तो इक्विटी बाजार फिक्स्ड डिपॉजिट, सोना जैसे पारंपरिक निवेश विकल्पों से बेहतर रिटर्न दे सकता है।
यह विचार उन्होंने भोपाल में आयोजित एक भव्य एवं अत्यंत सफल कार्यक्रम में व्यक्त किए, जिसका विषय शेयर बाजार, निवेश रणनीतियां और वित्तीय साक्षरता रहा। इस आयोजन में निवेशकों, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, विद्यार्थियों और आम नागरिकों की उल्लेखनीय सहभागिता देखी गई।

ICAI भोपाल के मंच पर निवेश जगत का सार्थक संवाद
कार्यक्रम का आयोजन केंद्रीय परिषद सदस्य सीए दुर्गेश काबरा एवं सीए अभय छाजेड़ के मार्गदर्शन में तथा शाखा अध्यक्ष सीए अर्पित राय के नेतृत्व में किया गया। आयोजकों ने बताया कि यह सेमिनार निवेशकों को सही जानकारी, व्यावहारिक समझ और जोखिम प्रबंधन की दृष्टि से मार्गदर्शित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया, जिससे वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा मिल सके।
भारत की ग्रोथ और बाजार का उज्ज्वल भविष्य
सीए आनंद राठी ने भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर सकारात्मक दृष्टिकोण रखते हुए कहा कि भारत विश्व की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। उन्होंने बताया कि अगले 5 से 10 वर्षों में भारत की विकास दर मजबूत रहने की संभावना है, जिसका असर पूंजी बाजारों पर भी सकारात्मक रूप से दिखाई देगा।
उन्होंने कहा कि आर्थिक मजबूती का लाभ उन निवेशकों को अधिक मिलता है जो लॉन्ग टर्म निवेश में विश्वास रखते हैं और अस्थायी उतार-चढ़ाव से घबराते नहीं हैं।

निवेश बनाम सट्टा: गलतफहमी दूर करने की जरूरत
कार्यक्रम में सीए आनंद राठी ने दो टूक कहा कि शेयर बाजार को सट्टा कहना एक गलत धारणा है। वास्तविक जोखिम तब बढ़ता है जब लोग बिना पर्याप्त ज्ञान के अल्पकालिक ट्रेडिंग, खासतौर पर एफएंडओ (F&O) में प्रवेश कर जाते हैं।
उन्होंने आम निवेशकों को सलाह दी कि जो लोग बाजार को समझने की शुरुआत कर रहे हैं, उनके लिए म्यूचुअल फंड के माध्यम से SIP सबसे सुरक्षित और प्रभावी विकल्प हो सकता है। SIP के जरिए निवेशक नियमित निवेश कर बाजार के उतार-चढ़ाव के प्रभाव को संतुलित कर सकते हैं।
बचत और निवेश का व्यावहारिक फॉर्मूला बताया
निवेशकों को एक सरल आर्थिक अनुशासन बताते हुए सीए आनंद राठी ने कहा कि हर व्यक्ति को अपनी आय का एक निर्धारित हिस्सा बचत और निवेश में लगाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया—
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आय का 30% से 35% नियमित बचत की आदत विकसित करें।
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बचत का कम से कम 25% शेयर बाजार में निवेश किया जा सकता है।
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आवश्यकता और जोखिम क्षमता के अनुसार यह अनुपात 50% से 80% तक बढ़ाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि निवेश को “जल्दी अमीर बनने” की सोच से नहीं, बल्कि सुरक्षित भविष्य और आर्थिक स्वतंत्रता की तैयारी के रूप में देखा जाना चाहिए।

स्कूल-कॉलेज में वित्तीय शिक्षा जरूरी
सीए आनंद राठी ने यह भी कहा कि आज के समय में वित्तीय साक्षरता उतनी ही आवश्यक है जितनी सामान्य शिक्षा। उन्होंने सुझाव दिया कि बचत, निवेश, रियल एस्टेट और शेयर बाजार जैसे विषयों को स्कूलों के पाठ्यक्रम में शामिल किया जाना चाहिए।
साथ ही कॉलेजों में वेल्थ मैनेजमेंट क्लासेस शुरू करके युवाओं को व्यावहारिक वित्तीय समझ प्रदान की जानी चाहिए, ताकि वे समय रहते सही निर्णय ले सकें।
मध्यप्रदेश को निवेश जागरूकता में आगे बढ़ना होगा
मध्य प्रदेश के संदर्भ में सीए आनंद राठी ने कहा कि निवेश जागरूकता को लेकर प्रदेश को अभी और आगे बढ़ने की जरूरत है। उन्होंने सीए समुदाय और मीडिया से आग्रह किया कि वे मिलकर राज्य में इन्वेस्टर एजुकेशन प्रोग्राम्स आयोजित करें, जिससे आम नागरिक भी सही निवेश निर्णय ले सकें और आर्थिक सुरक्षा की दिशा में मजबूत कदम उठा सकें।
NSE Emerge प्लेटफॉर्म पर SMEs के लिए बड़ा अवसर
इस अवसर पर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट कृष्णन अय्यर ने NSE Emerge Platform पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की एसएमई कंपनियों के लिए स्टॉक मार्केट में सूचीबद्ध होने की बड़ी संभावनाएं हैं।
उन्होंने आश्वासन दिया कि NSE इस दिशा में पूर्ण सहयोग करेगा और आने वाले समय में अधिक एसएमई कंपनियों के सूचीबद्ध होने से निवेशकों के लिए नए अवसर खुलेंगे तथा स्थानीय उद्योगों को पूंजी उपलब्ध कराने में भी सहायता मिलेगी।
सेक्टर आउटलुक और ट्रेडिंग रणनीति पर टेक्निकल दृष्टिकोण
कार्यक्रम में टेक्निकल और डेरिवेटिव रिसर्च के विशेषज्ञ सीए चंदन तापड़िया ने चार्ट्स के जरिए बताया कि निवेशकों को बाजार में उन सेक्टर्स पर फोकस करना चाहिए जिनमें मजबूती और मोमेंटम दिखाई दे रहा हो।
उन्होंने कहा कि—
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मेटल्स और PSU बैंक आने वाले समय में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।
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सोना और चांदी अल्पकालिक उतार-चढ़ाव के बावजूद निवेशकों के लिए आकर्षक बने रह सकते हैं।
उनकी प्रस्तुति को खासतौर पर ट्रेडर्स और युवा निवेशकों ने काफी उपयोगी बताया।
ज्ञान + धैर्य ही सफलता की कुंजी
कार्यक्रम के समापन पर वक्ताओं ने एकमत से कहा कि सही जानकारी, वित्तीय शिक्षा और धैर्यपूर्ण दीर्घकालिक निवेश ही आर्थिक सुरक्षा और समृद्ध भविष्य की कुंजी है। आयोजन को उपस्थित प्रतिभागियों से अत्यंत सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली और निवेशकों ने ऐसे आयोजनों को नियमित रूप से आयोजित करने की आवश्यकता भी जताई।
