विवेक, धार/नालछा। केनरा बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन (CBOA) ने सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक पहल की। संगठन के जनरल सेक्रेटरी के. रवि कुमार के मार्गदर्शन में केन पाल के बैनर तले धार जिले के नालछा ग्राम स्थित शासकीय एकीकृत माध्यमिक विद्यालय, कागदीपुरा में छोटे-छोटे बच्चों को अध्ययन सामग्री और खेल का सामान भेंट किया गया।
यह पहल केवल सामग्री वितरण तक सीमित नहीं रही, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों के सपनों को नई उड़ान देने और उनके भीतर आत्मविश्वास जगाने की दिशा में एक मजबूत संदेश बनकर सामने आई। कार्यक्रम के दौरान बच्चों के चेहरों पर दिखी खुशी और उत्साह ने इस अभियान की सार्थकता को स्पष्ट किया।

संगठन के पदाधिकारी व बैंक कर्मियों की रही सक्रिय मौजूदगी
इस सामाजिक कार्यक्रम में CBOA के वाइस प्रेसिडेंट के. के. त्रिपाठी, विद्यालय के प्राचार्य सुभाष यादव, तथा CBOA के मनीष चतुर्वेदी, राहुल सोनी, कुणाल गावड़े, अंकुश, नीरज सोनी, शिव परवानी और कृष्णगोपाल की उल्लेखनीय सहभागिता रही। वहीं, केनरा बैंक नालछा शाखा से कौशल सिंह ने भी सक्रिय रूप से कार्यक्रम में सहयोग किया।
सभी साथियों ने बच्चों के साथ समय बिताया, उन्हें पढ़ाई के प्रति प्रेरित किया और खेलकूद तथा सीखने की गतिविधियों के महत्व पर भी चर्चा की।

“किताब और हौसला देने से मजबूत राष्ट्र की नींव पड़ती है”
इस अवसर पर CBOA के जनरल सेक्रेटरी के. रवि कुमार ने कहा—
“जब हम बच्चों के हाथ में किताब और दिल में हौसला देते हैं, तब एक मजबूत राष्ट्र की नींव रखी जाती है।”
उन्होंने कहा कि बच्चों को शिक्षा और संस्कार देना सबसे बड़ा सामाजिक निवेश है और समाज के सभी संगठनों को आगे आकर ऐसे प्रयास करते रहना चाहिए।

केवल बैंकिंग नहीं, सामाजिक दायित्व भी प्राथमिकता
कार्यक्रम के माध्यम से CBOA ने यह संदेश दिया कि संगठन की भूमिका केवल बैंकिंग गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के प्रति भी उसकी जिम्मेदारी है। शिक्षा, जागरूकता और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए संगठन लगातार संवेदनशीलता और समर्पण के साथ कार्य कर रहा है।
बच्चों की मुस्कान बनी प्रेरणा
नालछा ग्राम के बच्चों की चमकती आंखें और मुस्कान इस बात का प्रमाण बनी कि सेवा का हर छोटा प्रयास भी भविष्य को रोशन कर सकता है। ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में CBOA का यह कदम स्थानीय स्तर पर सराहना का विषय बना हुआ है।
