भोपाल। राष्ट्रीय बालिका दिवस को इस बार भोपाल के शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल बागरोदा और टेक्नो इंडिया पब्लिक स्कूल में एक अनोखे और प्रेरणादायक अंदाज में मनाया गया। सामाजिक संस्था सरोकार के तत्वावधान में दोनों विद्यालयों में बालिका दिवस को ‘बालिका उत्सव’ के रूप में आयोजित किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं ने गीत, नृत्य, कविता, चर्चा और गतिविधि आधारित कार्यक्रमों के माध्यम से बालिकाओं के अधिकारों, शिक्षा और समानता का संदेश दिया।

कार्यक्रम की सबसे खास बात यह रही कि शासकीय स्कूल बागरोदा में बच्चों ने अपनी सोच और अभिव्यक्ति को मंच देते हुए “अपनी पसंद का अख़बार” निकाला, जिसमें उन्होंने बालिकाओं के सपनों, सवालों और समाज से अपेक्षाओं को सुर्खियों की शक्ल में प्रस्तुत किया।
बालिका दिवस का इतिहास और उद्देश्य बताया
सरोकार संस्था की सचिव कुमुद सिंह ने दोनों विद्यालयों में सबसे पहले राष्ट्रीय बालिका दिवस के इतिहास और उद्देश्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि बालिका दिवस केवल एक तारीख नहीं, बल्कि बालिकाओं की गरिमा, शिक्षा, सुरक्षा, अधिकार और समान अवसर की याद दिलाने का दिन है।

बागरोदा स्कूल में ‘अपनी पसंद का अख़बार’ बना आकर्षण का केंद्र
शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल बागरोदा में समूह गतिविधि आधारित कार्यक्रम के तहत बच्चों को समाचार पत्र पढ़ने के लिए दिए गए। इस दौरान जब उनसे पूछा गया कि अखबारों में वे क्या देखते हैं, तो बच्चों ने सहजता से जवाब दिया कि अधिकतर पन्नों पर पुरुषों से जुड़ी खबरें और फोटो ज्यादा होते हैं।
इसके बाद विद्यार्थियों को “अपनी पसंद का अखबार” बनाने के लिए आमंत्रित किया गया। बच्चों ने ड्राइंग शीट पर अपने सपनों को हेडलाइन के रूप में लिखते हुए एक ऐसा अखबार तैयार किया, जो समाज को नई दिशा देने वाला नजर आया।
बच्चों द्वारा बनाए गए कुछ प्रमुख शीर्षक इस प्रकार रहे—
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“ग्राम बागरोदा की छात्रा का भारतीय महिला क्रिकेट टीम में चयन, सिमरनजीत के साथ खेलेंगी”
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“गांव की छात्राओं ने शुरू किया पहला कृषि कारोबार”
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“गांव की सरपंच भूरी बाई लड़ेंगी विधानसभा चुनाव, बनेंगी विधायक”
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“ग्राम सभा से बच्चों के लिए खेल मैदान बनाने की मांग”
इन सुर्खियों के जरिए बच्चों ने यह दिखाया कि वे केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अपने गांव, समाज और भविष्य को लेकर सोचने और बदलाव लाने की क्षमता रखते हैं।
शिक्षा, समानता, स्वास्थ्य और अधिकारों पर रचनात्मक संदेश
छात्र-छात्राओं ने “अपनी पसंद के अख़बार” के माध्यम से बालिका शिक्षा, लैंगिक समानता, बालिकाओं के अधिकार, स्वास्थ्य एवं अवसरों जैसे महत्वपूर्ण विषयों को सरल, लेकिन प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया। बच्चों द्वारा स्वयं लिखित और संपादित इस अखबार ने उपस्थित शिक्षकों और अतिथियों का विशेष ध्यान आकर्षित किया।
कविता, गीत और नृत्य से बढ़ा उत्सव का रंग
बालिका उत्सव के दौरान छात्र-छात्राओं ने कविता पाठ, गीत, संगीत और नृत्य की आकर्षक प्रस्तुतियां भी दीं। कार्यक्रम ने न केवल बच्चों की प्रतिभा को मंच दिया, बल्कि बालिकाओं के प्रति समाज की सोच को बदलने का संदेश भी मजबूत किया।

मासिक धर्म जागरूकता और सेनेटरी पैड वितरण
कार्यक्रम में किशोरी बालिकाओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए मासिक धर्म जागरूकता से जुड़ा विशेष सत्र भी आयोजित किया गया। इस दौरान संस्था की ओर से छात्राओं को सेनेटरी पैड वितरित किए गए, ताकि वे स्वास्थ्य और स्वच्छता के महत्व को समझें और किसी झिझक के बिना जागरूक बनें।
शिक्षकों ने बताया—बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाते हैं ऐसे कार्यक्रम
विद्यालय के प्राचार्य विनोद कुमार राजोरिया, सुश्री सलमा खान एवं सुश्री मनीषा तिवारी ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम बच्चों को स्वतंत्र सोच, अभिव्यक्ति और सामाजिक मुद्दों को समझने का अवसर देते हैं। इससे विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे समाज को सकारात्मक दिशा देने के लिए प्रेरित होते हैं।
कार्यक्रम में शिक्षकगण अजय कटारे, स्नेहलता मिश्रा, अंशुल मालवीय, रेणुका श्रीवास्तव, आभा जैन और श्री अवस्थी भी मौजूद रहे।
टेक्नो इंडिया स्कूल में बालिकाओं की समूह चर्चा
टेक्नो इंडिया पब्लिक स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में प्राचार्य सुश्री जेबा खान ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि अपने अधिकारों को जाने बिना आगे बढ़ना कठिन है। उन्होंने इस अवसर पर डॉ. वीणा सिन्हा की कविता “फिर भी जीना लड़की का” का पाठ किया, जिसने छात्राओं को भावनात्मक रूप से जोड़ते हुए जागरूकता का संदेश दिया।

गतिविधि आधारित कार्यक्रम में छात्राओं ने समूह चर्चा के माध्यम से अपनी समस्याओं को पहचाना और उनकी सूची तैयार की। इसके बाद अगले चरण में छात्राओं ने यह समझने का प्रयास किया कि इन समस्याओं के लिए जिम्मेदार कौन है और उनके समाधान के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं।
