ध्वनि, अनुशासन और परंपरा का अनुपम संगम, बीटिंग द रिट्रीट
भोपाल
राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल के मुख्य आतिथ्य में मध्यप्रदेश में 77वें गणतंत्र दिवस समारोह का गरिमामयी समापन गुरुवार को ऐतिहासिक ‘बीटिंग द रिट्रीट’ समारोह के साथ हुआ। जहांगीराबाद स्थित लाल परेड मैदान में इस भव्य समारोह का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश पुलिस ब्रास बैंड एवं आर्मी ब्रास बैंड द्वारा राष्ट्र भक्ति, अनुशासन और सांस्कृतिक चेतना से ओत-प्रोत संगीतमय प्रस्तुतियों से संयम, एकरूपता और सैन्य परंपरा की गरिमा को सजीव रूप में प्रस्तुत किया गया। उल्लेखनीय है कि ‘बीटिंग द रिट्रीट’ सैन्य एवं अर्ध सैनिक बलों की गौरवशाली परंपरा का प्रतीक है। राष्ट्रीय स्तर पर दिल्ली के साथ केवल भोपाल में ही इस ऐतिहासिक समारोह का आयोजन किया जाता है।
इस अवसर पर महापौर श्रीमती मालती राय, मुख्य सूचना आयुक्त श्री विजय यादव, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना, अपर मुख्य सचिव गृह श्री शिव शेखर शुक्ला, महानिरीक्षक पुलिस श्री इरशाद वली, कमांडेंट सातवीं वाहनी श्री हितेश चौधरी सहित आर्मी, पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
राज्यपाल श्री पटेल के आगमन पर पुलिस ब्रास बैंड द्वारा स्वागत धुन प्रस्तुत की गई। इसके पश्चात निरीक्षक श्री सुनील कटारे के नेतृत्व में आयोजित ब्रास बैंड कॉन्सर्ट में “वंदे-मातरम्” से आरंभ होकर, “मेरे देश की धरती”, “पंख होते तो उड़ आती रे”, “पल-पल दिल के पास”, “तेरी झलक अशर्फी”, “ये देश है वीर जवानों का”, “अजीब दास्तां है ये”, “ये शाम मस्तानी”, “संदेशे आते हैं”, “हे अपना दिल तो आवारा” की प्रस्तुति पुलिस बैंड द्वारा दी गई। सदाबहार और आधुनिक गीतों की लोकप्रिय धुनों के अनूठे संगम ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। राष्ट्र भक्ति फ्यूज़न की अंतिम प्रस्तुति पर तालियों की गूंज से आयोजन स्थल उत्साह से भर उठा।
मध्यांतर के बाद पुलिस और आर्मी बैंड की संयुक्त प्रस्तुति ने कार्यक्रम को नई ऊँचाइयाँ प्रदान की। बैंड डिस्प्ले में मास्ड बैंड, आर्मी ब्रास बैंड और पुलिस ब्रास बैंड ने फेनफेयर, क्विक मार्च और स्लो मार्च पर सटीक तालमेल के साथ मार्च पास्ट किया। रिट्रीट से पूर्व मास्ड बैंड की ड्रम रोल प्रस्तुति विशेष आकर्षण का केंद्र रही। समारोह के अंतिम चरण में उप निरीक्षक सुश्री सुनीति सिंह के नेतृत्व में महिला टुकड़ी ने ससम्मान राष्ट्रीय ध्वज का अवरोहण किया। “सारे जहाँ से अच्छा” की मधुर धुन, राष्ट्रगान तथा रंगीन रोशनी और आतिशबाजी के साथ कार्यक्रम का भव्य समापन हुआ।
