केन्द्रीय बजट 2026-27 से उद्योग जगत को नई रफ्तार, विकास और निवेश का भरोसा

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भोपाल। फेडरेशन ऑफ मध्यप्रदेश चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्री (Federation of Madhya Pradesh Chambers of Commerce & Industry) ने भारत सरकार द्वारा प्रस्तुत केन्द्रीय बजट 2026-27 का स्वागत करते हुए इसे देश की अर्थव्यवस्था के लिए विकासोन्मुख और दूरदर्शी बताया है। फेडरेशन का कहना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच यह बजट निवेश, रोजगार सृजन और आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को मजबूती देता है।

फेडरेशन के पदाधिकारियों के अनुसार केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत यह बजट एमएसएमई, मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी, स्वास्थ्य और ग्रीन एनर्जी जैसे अहम क्षेत्रों को गति देगा। इससे न केवल आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी बल्कि उद्योग जगत में विश्वास का माहौल भी मजबूत होगा।

एमएसएमई और इंफ्रास्ट्रक्चर को बड़ा संबल

फेडरेशन ने बजट में एमएसएमई सेक्टर के लिए 10,000 करोड़ रुपए के SME ग्रोथ फंड और आत्मनिर्भर भारत फंड में अतिरिक्त सहयोग को अत्यंत सकारात्मक कदम बताया है। इससे सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को पूंजी उपलब्धता, विस्तार और रोजगार सृजन में बड़ी मदद मिलेगी।
वहीं, पूंजीगत व्यय को बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपए किए जाने से इंफ्रास्ट्रक्चर, रियल एस्टेट, लॉजिस्टिक्स और निर्माण से जुड़े क्षेत्रों में नई परियोजनाओं के द्वार खुलेंगे।

टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर और डिजिटल इकोसिस्टम पर फोकस

इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) 2.0 और इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग के लिए 40,000 रुपए करोड़ के प्रावधान को फेडरेशन ने भारत को वैश्विक सप्लाई चेन में मजबूत करने वाला कदम बताया। साथ ही डेटा सेंटर और क्लाउड सेवाओं के लिए दीर्घकालिक कर-स्थिरता से देश डिजिटल नवाचार का केंद्र बन सकेगा।

कनेक्टिविटी, ग्रीन एनर्जी और दुर्लभ खनिज

बजट में प्रस्तावित सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर से औद्योगिक क्लस्टर्स, कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलने की उम्मीद जताई गई है।
इसके अलावा 20,000 करोड़ रुपए की कार्बन कैप्चर योजना और 10,000 करोड़ रुपए की बायो-फार्मा शक्ति पहल से सतत विकास, पर्यावरण संरक्षण और स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में रेयर अर्थ मिनरल कॉरिडोर की घोषणा को भी रणनीतिक उद्योगों के लिए अहम बताया गया।

करदाताओं और निर्यातकों को राहत

विदेश में शिक्षा व चिकित्सा खर्च पर टीसीएस घटाकर 2 प्रतिशत करना, संशोधित आयकर रिटर्न दाखिल करने की समय-सीमा बढ़ाना और प्रक्रियाओं का सरलीकरण करदाताओं के लिए राहतकारी कदम माने गए हैं। वहीं, कुरियर निर्यात पर प्रति खेप 10 लाख रुपये की मूल्य सीमा समाप्त करने और ट्रेड्स के माध्यम से नकदी सहायता जैसे प्रस्तावों से छोटे व्यापारियों और निर्यातकों को सीधा लाभ मिलेगा।

मध्यप्रदेश के लिए नए अवसर

फेडरेशन के अध्यक्ष दीपक शर्मा ने कहा कि टियर-2 और टियर-3 शहरों पर विशेष फोकस से मध्यप्रदेश में उद्योग, लॉजिस्टिक्स, रियल एस्टेट, स्टार्ट-अप्स और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। एमएसएमई अनुकूल नीतियाँ प्रदेश के उद्यमियों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने में सहायक होंगी।

फेडरेशन ने यह अपेक्षा भी जताई कि बजट घोषणाओं का त्वरित और प्रभावी क्रियान्वयन, आसान ऋण प्रवाह और राज्यों के साथ बेहतर समन्वय से उद्योगों को अधिकतम लाभ मिलेगा।

परिचर्चा में उद्योग व बैंकिंग क्षेत्र के प्रतिनिधि शामिल

बजट के अवसर पर फेडरेशन कार्यालय में परिचर्चा का आयोजन किया गया, जिसमें अध्यक्ष दीपक शर्मा, कोषाध्यक्ष अशोक पटेल, मंडीदीप इंडस्ट्रियल एसोसिएशन से मनोज मोदी, सचिव प्रवीण आचार्य, भोपाल के प्रसिद्ध चार्टर्ड एकाउंटेंट रितेश शर्मा तथा बैंकिंग क्षेत्र के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने बजट को संतुलित और विकासोन्मुख बताते हुए इसे देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए नई ऊर्जा देने वाला करार दिया।

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