मुंबई
महाराष्ट्र के बारामती में हुए विमान हादसे में डिप्टी सीएम रहे अजित पवार की मौत को लेकर अब सवाल उठने शुरू हो गए हैं. शरद पवार गुट के विधायक और अजित पवार के भतीजे रोहित पवार ने मंगलवार को मुंबई में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई ऐसे सवाल उठाए, जिससे माहौल गरमा गया है. उनके सनसनीखेज आरोपों के घेरे में एनसीपी (अजित गुट) के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल आ गए. अब सबकी नजरें ब्लैक बॉक्स रिपोर्ट और आधिकारिक जांच पर हैं.
फिलहाल, रोहित पवार आज दिल्ली पहुंचेंगे और दोपहर 12 बजे वे प्रेस क्लब में विस्तृत जानकारी देंगे. रोहित का कहना है कि मेरे मन में सवाल उठ रहे हैं और मैंने अपने काका को खोया है. महाराष्ट्र ने एक नेता खोया है. जब तक हमारी शंकाओं का समाधान नहीं होगा, हम यह मुद्दा उठाते रहेंगे.
VSR कंपनी और मेंटेनेंस पर सवाल
रोहित पवार ने सबसे पहले विमान की मालिक कंपनी VSR पर सवाल उठाए. उन्होंने पूछा कि क्या विमान का रूटीन मेंटेनेंस हुआ था? टेक लॉग कहां है? एयरवर्दी रिपोर्ट क्यों सार्वजनिक नहीं की गई? क्या क्रैश से पहले ट्रांसपोंडर जानबूझकर बंद किया गया? उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 2023 में VSR के एक अन्य विमान हादसे की फाइनल रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक नहीं हुई. उनका दावा है कि DGCA पर दबाव हो सकता है और जांच पूरी पारदर्शिता से नहीं हो रही.
ARROW कंपनी और फ्लाइट बुकिंग पर शक
रोहित ने कहा कि पहले अजित पवार सड़क मार्ग से बारामती जाने वाले थे और उनके काफिले की तैयारी हो चुकी थी. फिर आखिरी समय में विमान से जाने का फैसला क्यों हुआ? फ्लाइट बुकिंग देर रात क्यों की गई? उन्होंने ARROW कंपनी की भूमिका पर भी सवाल उठाए और कहा कि बुकिंग और हैंडलिंग की पूरी जांच होनी चाहिए. किसके दबाव में प्लान बदला गया?
पायलट पर सीधे सवाल उठाए
रोहित पवार ने पायलट कैप्टन सुमित कपूर के रिकॉर्ड पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि कपूर को पहले शराब सेवन के मामले में सस्पेंड किया गया था. उन्होंने पूछा कि लैंडिंग के समय पायलट चुप क्यों थे? रनवे 29 की अनुमति मिलने के बाद रनवे 11 क्यों मांगा गया, जबकि वो ज्यादा चुनौतीपूर्ण था? उन्होंने यह भी कहा कि को-पायलट शांभवी पाठक का लियरजेट पर अनुभव ज्यादा था. ऐसे में अंतिम निर्णय किस आधार पर लिए गए?
विजिबिलिटी और ट्रांसपोंडर का रहस्य
रोहित ने DGCA रिपोर्ट और केंद्रीय रिपोर्ट के बीच समय में अंतर का मुद्दा उठाया. उनका दावा है कि आखिरी एक मिनट का ट्रांसपोंडर डेटा उपलब्ध नहीं है. उन्होंने पूछा कि क्या इसे जानबूझकर बंद किया गया? उन्होंने ब्लैक बॉक्स की पूरी रिकॉर्डिंग सार्वजनिक करने की मांग की और कहा कि अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों जैसे NTSB और UK की AAIB को भी जांच में शामिल किया जाए.
रोहित ने और क्या दावे किए?
रोहित पवार ने सवाल उठाया कि क्या यह सिर्फ हादसा था या इसके पीछे कोई साजिश हो सकती है? उन्होंने एक किताब का हवाला देते हुए कहा, जो इजराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद पर आधारित है. उसमें एक लाइन लिखी है- ‘कभी-कभी सबसे प्रभावी तरीका ड्राइवर को खत्म करना होता है.’ इस संदर्भ में उन्होंने कहा कि कुछ घटनाओं को सिर्फ संयोग मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. उन्होंने बताया कि 27 जनवरी को अजित पवार का कार्यक्रम बदला गया था. उनके बंगले के बाहर बारामती जाने के लिए काफिला तैयार था. सड़क मार्ग से यात्रा की तैयारी हो चुकी थी. लेकिन एक वरिष्ठ नेता उनसे मिलने आने वाले थे, जो देर से पहुंचे. इस वजह से वे सड़क मार्ग से नहीं जा सके और फ्लाइट बुक करनी पड़ी. रोहित का दावा है कि फ्लाइट यात्रा की योजना पहले से बन रही थी, भले ही अंतिम निर्णय बाद में लिया गया हो.
रोहित ने यह भी कहा कि अजित पवार को विदर्भ से जुड़ी एक फाइल पर हस्ताक्षर करने थे. वह मंत्रालय (मंत्रालय भवन) में मौजूद थे और फाइल साइन करने के कारण उन्हें देर हो गई. इसी वजह से बारामती रवाना होने में देरी हुई. उन्होंने सवाल उठाया कि विमान का निर्धारित समय सुबह 7 बजे था, लेकिन उड़ान 8:10 बजे भरी गई. टेक-ऑफ में देरी क्यों हुई? इसके लिए कौन जिम्मेदार था? रोहित ने यह भी याद दिलाया कि एक बार पहले जब विजिबिलिटी कम थी, तब अजित पवार ने दो इंजन वाले हेलीकॉप्टर उपलब्ध होने के बावजूद हवाई यात्रा टाल दी थी और सड़क मार्ग से यात्रा की थी. ऐसे में इस बार कम विजिबिलिटी के बावजूद उड़ान क्यों भरी गई?
उन्होंने दावा किया कि एक ईमेल के मुताबिक कैप्टन साहिल मदान और कैप्टन यश को इस फ्लाइट के लिए तैनात किया जाना था, लेकिन आखिरी समय में यह बदलाव कर दिया गया. रोहित ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर सुमित कपूर के नाम से जो एक वायरल फोटो साझा की गई, वो दरअसल साहिल मदान की थी. इस पर उनकी पत्नी ने भी टिप्पणी की थी. सुबह 7:02 बजे एक अधिकारी ने संदेश भेजा था कि सभी क्रू पहुंच चुके हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि जिन पायलटों को पहले असाइन किया गया था, वे वहां क्यों नहीं थे? क्या वे वास्तव में ट्रैफिक में फंसे थे? क्या DGCA के पास उनका कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) है? क्या वे एयरपोर्ट के पास रहते थे या दूर? इन तमाम बिंदुओं को आधार बनाकर रोहित पवार ने कहा कि इन सभी पहलुओं की निष्पक्ष और विस्तृत जांच होनी चाहिए.
प्रफुल्ल पटेल का नाम क्यों चर्चा में आया?
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रोहित पवार ने लियरजेट विमानों के मेंटेनेंस से जुड़े मुद्दे पर प्रफुल्ल पटेल की ओर इशारा किया. उन्होंने कहा कि देश में विमानों की MRO (Maintenance, Repair and Overhaul) सेवाएं देने वाली सिर्फ दो कंपनियां हैं. एक दिल्ली में स्थित है और दूसरी मुंबई में. रोहित के अनुसार, मुंबई स्थित कंपनी का स्वामित्व प्रफुल्ल पटेल से जुड़ा बताया जाता है. इसके साथ ही रोहित पवार ने यह भी कहा कि VSR कंपनी ने अपनी अलग इन-हाउस मेंटेनेंस यूनिट शुरू कर रखी है, जहां विमान की देखभाल और तकनीकी कार्य किए जाते हैं. रोहित ने पूछा कि क्या मेंटेनेंस में कोई चूक हुई? रोहित ने कहा कि वे किसी नेता पर सीधा आरोप नहीं लगा रहे, बल्कि VSR, ARROW और पायलट के रोल की जांच चाहते हैं. रोहित के बयान के बाद प्रफुल्ल पटेल का नाम चर्चा में आ गया.
शरद पवार की अलग राय
गौरतलब है कि हादसे के कुछ घंटे बाद ही एनसीपी (शरद गुट) प्रमुख शरद पवार ने इसे दुर्घटना बताया था और साजिश की आशंका से इनकार किया था. इस पर रोहित पवार ने कहा कि उस समय पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं थी और अब तथ्यों के आधार पर सवाल उठाए जा रहे हैं.
जांच की मौजूदा स्थिति?
AAIB और DGCA ने घटनास्थल का दौरा किया है. ब्लैक बॉक्स बरामद किया जा चुका है. महाराष्ट्र CID भी जांच कर रही है. केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने समयबद्ध जांच का आश्वासन दिया है. फिलहाल जांच जारी है, लेकिन रोहित पवार के आरोपों ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है.
कौन हैं रोहित पवार?
महाराष्ट्र की राजनीति में पवार परिवार सबसे प्रभावशाली माना जाता है. दशकों से इस परिवार का राज्य की राजनीति में दबदबा है. पवार परिवार के कई सदस्यों ने चुनाव लड़ा. मंत्री पद संभाले और अपने संगठन को नई ऊंचाइयां दीं. अजित, एनसीपी (SP) प्रमुख शरद पवार के भाई अनंतराव पवार के बेटे थे. यानी शरद पवार, रिश्ते में अजित के चाचा थे.
जबकि रोहित पवार, राजेंद्र पवार के बेटे हैं. राजेंद्र पवार, शरद पवार के भाई अप्पासाहेब पवार के बेटे हैं. यानी रोहित पवार, शरद पवार के ग्रैंडनेफ्यू (भतीजे के बेटे) हैं. वहीं, अजित पवार रिश्ते में रोहित के चाचा थे. एनसीपी में दो फाड़ होने के बाद रोहित, शरद पवार खेमे के साथ डटकर खड़े रहे. रोहित को शरद पवार और उनकी बेटी सुप्रिया सुले का बेहद करीबी माना जाता है. रोहित, कारजात-जमखेड़ से विधायक हैं. वे पहली बार 2019 में विधायक बने थे. हाल के वर्षों में वे पार्टी के अंदर अजित पवार गुट के खिलाफ मुखर रहे हैं.
अठावले बोले- जांच होनी चाहिए
रोहित पवार द्वारा विमान हादसे को लेकर उठाए गए सवालों पर केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा, इस मामले की जांच होनी चाहिए. अगर उस कंपनी पर कोई प्रतिबंध था, तो वह विमान वहां कैसे पहुंचा? उसे एयरपोर्ट से टेक-ऑफ की अनुमति कैसे मिली? इसकी जांच होनी चाहिए और जो भी जिम्मेदार अधिकारी हों, उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए. अठावले ने आगे कहा, कैप्टन ने वहां लैंडिंग की कोशिश की, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ. यह एक दुर्घटना है.
