लखनऊ
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने आज विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 9,12,696 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक बजट पेश कर दिया है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा पेश किया गया यह बजट पिछले साल के मुकाबले काफी बड़ा है और इसे राज्य की अर्थव्यवस्था को ‘वन ट्रिलियन डॉलर’ बनाने की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बजट को ‘नए भारत के नए उत्तर प्रदेश’ का आधार बताया है, जिसमें समाज के हर वर्ग किसान, युवा, महिला और गरीब की आशाओं को ध्यान में रखते हुए कई बड़ी घोषणाएं की गई हैं।
बजट के मुख्य आंकड़े
- कुल बजट आकार: ₹9,12,696 करोड़
- राजस्व प्राप्तियां: ₹3,53,315 करोड़ (अनुमानित)
- प्रति व्यक्ति आय: ₹1,09,844 (जो 2016-17 के मुकाबले दोगुनी से भी ज्यादा है)
- बेरोजगारी दर: घटकर महज 2.24% रह गई है।
दुगनी हुई प्रति व्यक्ति आय
योगी सरकार के पिछले आठ वर्षों के कार्यकाल में राज्य की आर्थिक स्थिति में अभूतपूर्व सुधार देखने को मिला है। आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2016-17 में जो प्रति व्यक्ति आय 54,564 रुपये थी, वह अब बढ़कर 1,09,844 रुपये हो गई है। अनुमान है कि 2026-27 तक यह 1.20 लाख रुपये तक पहुंच जाएगी। सरकार के प्रयासों से पिछले कुछ वर्षों में लगभग 06 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी के चक्र से बाहर निकलने में सफल हुए हैं। इसके साथ ही राज्य की सकल घरेलू उत्पाद दर 30.25 लाख करोड़ रुपये आकलित की गई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 13.4% की शानदार वृद्धि दिखाती है।
14 नए मेडिकल कॉलेज, 1,023 करोड़ का प्रावधान
वित्त मंत्री ने बजट भाषण में बताया कि चिकित्सा, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के लिए 37,956 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. चिकित्सा शिक्षा के लिए अलग से 14,997 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है. प्रदेश में 14 नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना और संचालन के लिए 1,023 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है. लखनऊ स्थित कैंसर संस्थान के लिए 315 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है. वर्तमान में उत्तर प्रदेश में कुल 81 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं. इनमें 45 सरकारी और 36 निजी क्षेत्र के हैं.
रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के लिए 400 करोड़
उत्तर प्रदेश सरकार ने मेधावी छात्राओं को बड़ी सौगात दी है. बजट में रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के लिए 400 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान किया गया है. इस योजना के तहत पात्र छात्राओं को स्कूटी वितरित की जाएगी. सरकार का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना, कॉलेज आने-जाने की दिक्कतों को कम करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है. इससे ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों की छात्राओं को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है.
ऊर्जा क्षेत्र को 65,926 करोड़ का बजट
- ऊर्जा सेक्टर में सरकार ने 65,926 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है, जो पिछले वर्ष से 8 प्रतिशत अधिक है.
- – दिसंबर 2025 तक औसत बिजली आपूर्ति: ग्रामीण क्षेत्र में 19 घंटे, तहसील मुख्यालय में 21 घंटे 49 मिनट और जनपद मुख्यालय में 24 घंटे सप्लाई हो रही.
- – 1 अप्रैल 2022 से दिसंबर 2025 तक 2,41,088 निजी नलकूप कनेक्शन जारी.
- – 2017-18 से अब तक 1,66,135 निजी नलकूप संयोजन जारी.
- – 4,680 कृषि फीडर लक्ष्य के मुकाबले 4,048 फीडर बन चुके हैं. इन पर 10 घंटे बिजली आपूर्ति दी जा रही है, जो देश में सर्वाधिक बताई गई.
- – 1 अप्रैल 2022 से 2025-26 तक 2,410 नए 33/11 केवी उपकेंद्र बने.
- – 20,924 नए ट्रांसफॉर्मर लगाए गए और 85,684 की क्षमता बढ़ाई गई.
- – पारेषण क्षमता 2016-17 में 17,890 मेगावॉट थी, जिसे बढ़ाकर 2025-26 में 32,500 मेगावॉट किया गया.
नमामि गंगे और ग्रामीण जलापूर्ति को 22,676 करोड़
- – नमामि गंगे और ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं के लिए 22,676 करोड़ रुपये का प्रावधान.
- – 2.67 करोड़ ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन देने का लक्ष्य. अब तक 2.43 करोड़ घरों तक नल संयोजन पहुंच चुका है.
- – जल जीवन मिशन के लिए 22,452 करोड़ रुपये का प्रावधान.
- – गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए 74 सीवरेज परियोजनाएं स्वीकृत. 41 पूरी हो चुकी हैं, बाकी निर्माणाधीन हैं.
सड़क और सेतु के लिए 34,468 करोड़ का प्रावधान
- प्रदेश में सड़क और पुल निर्माण को लेकर सरकार ने बड़ा बजट आवंटन किया है.
- – सड़कों और सेतुओं के निर्माण, चौड़ीकरण और अनुरक्षण के लिए 34,468 करोड़ रुपये की व्यवस्था.
- – नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर के विकास के लिए 400 करोड़ रुपये.
- – सेतुओं के लिए 4,808 करोड़ रुपये और रेल ओवरब्रिज/अंडरब्रिज निर्माण के लिए 1,700 करोड़ रुपये.
- – राज्य व जिला मार्गों के चौड़ीकरण/सुदृढ़ीकरण के लिए 3,700 करोड़ रुपये.
- – राज्य सड़क निधि से अनुरक्षण हेतु 3,000 करोड़ रुपये और निर्माण/चौड़ीकरण के लिए 3,000 करोड़ रुपये.
- – शहरों में बाईपास, रिंग रोड और फ्लाईओवर निर्माण के लिए 1,500 करोड़ रुपये.
- -औद्योगिक और लॉजिस्टिक पार्क से जुड़ी सड़कों के लिए 1,000 करोड़ रुपये.
यूपी बनेगा IT हब
वित्त मंत्री ने बजट भाषण में कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में आधुनिक तकनीक और सूचना प्रौद्योगिकी का तेजी से विस्तार हो रहा है. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश निकट भविष्य में देश का IT हब बनेगा. भाषण के दौरान उन्होंने कहा, ‘सितारा बन के आसमां में वही चमकते हैं, डुबो देते हैं जो अपने आपको पसीने में.’
खादी एवं ग्रामोद्योग… 16 हजार रोजगार का लक्ष्य
योगी सरकार ने ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा देने के लिए खादी एवं ग्रामोद्योग सेक्टर में बड़े प्रावधान किए हैं. मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के तहत वर्ष 2026-27 में 800 नई इकाइयां स्थापित की जाएंगी. इसके लिए 40 करोड़ रुपये के बैंक ऋण का प्रावधान किया गया है. इससे 16,000 लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य है. पं. दीनदयाल ग्रामोद्योग रोजगार योजना के तहत ग्रामीण इकाइयों को बैंक ऋण पर ब्याज अनुदान देने के लिए 10 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है. गोरखपुर के खजनी स्थित कंबल उत्पादन केंद्र के आधुनिकीकरण के लिए 7.50 करोड़ रुपये की नई योजना लाई गई है. माटीकला के पारंपरिक कारीगरों के विकास के लिए माटीकला समन्वित विकास कार्यक्रम हेतु 13 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.
टेक्नोलॉजी और एआई मिशन
- – राज्य में AI मिशन, स्टेट डेटा अथॉरिटी और डेटा सेंटर क्लस्टर स्थापित होंगे.
- – नई टेक्नोलॉजी मिशन और टेक युवा-समर्थ युवा योजना लाई जाएगी.
- – GSDP 2024-25 में 30.25 लाख करोड़ रुपये, 13.4% वृद्धि.
- – प्रति व्यक्ति आय 1,09,844 रुपये.
- – 2025-26 में 1,20,000 रुपये होने का अनुमान.
- – 6 करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी से बाहर लाने और बेरोजगारी दर 2.24% होने का दावा.
कृषि और किसान, महिला, युवा और श्रमिक
- – अब तक 3,04,321 करोड़ रुपये का गन्ना भुगतान.
- – 2025-26 के लिए गन्ना मूल्य में 30 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ोतरी.
- – 10.27 लाख मीट्रिक टन गेहूं, 42.96 लाख मीट्रिक टन धान और 2.14 लाख मीट्रिक टन बाजरा की खरीद.
- – PM किसान के तहत 3.12 करोड़ किसानों को 94,668 करोड़ रुपये DBT से ट्रांसफर.
- – BC सखी योजना के तहत 39,000 करोड़ से अधिक लेन-देन.
- -26.81 लाख बालिकाएं मुख्यमंत्री सुमंगला योजना से लाभान्वित.
- – 90,000 मंगल दलों को खेल सामग्री.
- – 49.86 लाख टैबलेट/स्मार्टफोन वितरित.
- – मनरेगा में 20.19 करोड़ मानव दिवस सृजित.
औद्योगिक विकास, निवेश, MSME और रोजगार
- – अवस्थापना और औद्योगिक विकास के लिए 27,103 करोड़ रुपये का बजट है.
- -औद्योगिक क्षेत्र विस्तार योजना के लिए 5,000 करोड़.
- – अटल इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के लिए 2,000 करोड़.
- – FDI प्रोत्साहन नीति के लिए 1,000 करोड़.
- – डिफेंस कॉरिडोर में 35,280 करोड़ निवेश और 53,263 रोजगार की संभावना.
- – MSME सेक्टर के लिए 3,822 करोड़ रुपये.
- -3.11 करोड़ लोगों को रोजगार देने वाला यह सेक्टर देश में अग्रणी बताया गया.
- – मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत 1 लाख सूक्ष्म उद्यम हर साल स्थापित करने का लक्ष्य.
मेडिकल शिक्षा को बड़ा फंड
चिकित्सा शिक्षा के लिए 14,997 करोड़ रुपये का प्रावधान है. प्रदेश में 81 मेडिकल कॉलेज (45 सरकारी, 36 निजी) संचालित हैं. 60 जिलों में मेडिकल कॉलेज हैं, 16 जिलों में PPP मॉडल से कॉलेज खुलेंगे. एमबीबीएस सीटें 2017 की 4,540 से बढ़कर 12,800 हुईं. पीजी सीटें 1,221 से बढ़कर 4,995 हुईं. 14 नए मेडिकल कॉलेज के लिए 1023 करोड़, लखनऊ कैंसर संस्थान के लिए 315 करोड़ और असाध्य रोगों के मुफ्त इलाज के लिए 130 करोड़ का प्रावधान है.
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के लिए 37,956 करोड़ रुपये, जो पिछले साल से 15% अधिक है. जननी शिशु सुरक्षा योजना, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, पल्स पोलियो अभियान (3.28 करोड़ बच्चों को खुराक), 42 जिलों में JE टीकाकरण जारी है. आयुष्मान योजना के 49.22 लाख परिवार लाभार्थी हैं. राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के लिए 8,641 करोड़ का प्रावधान है. आयुष सेवाओं के लिए 2,867 करोड़ रुपये का प्रावधान है. प्रदेश में 2,111 आयुर्वेदिक, 254 यूनानी और 1,585 होम्योपैथिक अस्पताल संचालित हैं. 8 आयुर्वेदिक, 2 यूनानी और 9 होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज कार्यरत हैं.
वित्त मंत्री ने रखे आंकड़े
राजकोषीय घाटे की सीमा 3% तय की गई है, जो 2030-31 तक लागू रहेगी. सरकार ने बताया कि 2016-17 में ऋण-जीएसडीपी अनुपात 29.3% था, जिसे 2019-20 में घटाकर 27.9% किया गया. कोविड के कारण यह 2021-22 में 33.4% हुआ, लेकिन अब इसे 27% से नीचे लाया जा चुका है. 2026-27 में इसे 23.1% तक लाने और आगे 20% से नीचे लाने का लक्ष्य रखा गया है.
मुख्यमंत्री के विजन का जिक्र
वित्त मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले दिन से ही प्रदेश के हर वर्ग और हर क्षेत्र के विकास के लिए संकल्प लेकर काम किया है. उन्होंने मुख्यमंत्री के संकल्प को इन पंक्तियों में व्यक्त किया- ‘यही जुनून, यही ख्वाब मेरा है. दिया जला के रोशनी कर दूं जहां अंधेरा है.’
पुलिस और अग्निशमन विभाग को बजट में मजबूती
पुलिस विभाग के अनावासीय भवनों के निर्माण के लिए 1,374 करोड़ रुपये और आवासीय भवनों के निर्माण के लिए 1,243 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. नवसृजित जनपदों में पुलिस के आवासीय और अनावासीय भवनों के लिए 346 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है. अग्निशमन केंद्रों के आवासीय और अनावासीय भवनों के निर्माण के लिए 200 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं. बहुमंजिला भवनों में अग्निशमन व्यवस्था सुदृढ़ करने और नए केंद्रों को पूरी तरह क्रियाशील बनाने के लिए 190 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. मिशन शक्ति के तहत महिला बीट कर्मियों के क्षेत्र भ्रमण के लिए वाहनों की खरीद हेतु 25 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है.
बजट में किसानों के लिए बड़ी सौगातें
योगी सरकार ने अपने इस ऐतिहासिक बजट में अन्नदाताओं की खुशहाली को प्राथमिकता देते हुए गन्ना किसानों के लिए बड़ा ऐलान किया है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने पेराई सत्र 2025-2026 के लिए गन्ना मूल्य में 30 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की घोषणा की है, जिससे किसानों की जेब में करीब 3000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भुगतान पहुँचेगा। इसके साथ ही सरकार ने रिकॉर्ड बनाते हुए अब तक 3.04 लाख करोड़ रुपये से अधिक का गन्ना बकाया चुकाया है, जो पिछले 22 वर्षों के कुल भुगतान से भी कहीं ज्यादा है। कृषि उत्पादों की खरीद में भी तेजी लाते हुए रबी और खरीफ सीजन के दौरान गेहूं, धान और बाजरा की रिकॉर्ड खरीदारी की गई है, जिसके तहत सीधे किसानों के खातों में करोड़ों रुपये भेजे गए हैं, जो सरकार की ‘किसान-प्रथम’ नीति को मजबूती से दर्शाता है।
औद्योगिक निवेश और स्टार्टअप्स का हब बना यूपी
उत्तर प्रदेश निवेश के मामले में देश का सबसे पसंदीदा डेस्टिनेशन बनता जा रहा है। अब तक 50 लाख करोड़ रुपये के समझौते (MoUs) हो चुके हैं, जिससे लगभग 10 लाख नए रोजगार पैदा होने की उम्मीद है। देश के कुल मोबाइल फोन उत्पादन का 65% हिस्सा अकेले उत्तर प्रदेश में तैयार हो रहा है, जो इसे भारत का सबसे बड़ा मोबाइल निर्माण केंद्र बनाता है। इनोवेशन और तकनीक को बढ़ावा देने की वजह से यूपी को राष्ट्रीय स्तर पर ‘लीडर श्रेणी’ की रैंकिंग हासिल हुई है।
महिला, युवा और शिक्षा के क्षेत्र में सशक्तिकरण की नई राह
चुनावी साल से पहले यूपी में बेरोजगारी दर घटकर अब महज 2.24% रह गई है। संविदा कर्मियों के मानदेय में वृद्धि और उनके लिए एक नए सेवा निगम के गठन का प्रस्ताव भी बजट का हिस्सा है। ग्रामीण महिला उद्यमियों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए ‘शी-मार्ट’ (SHE-Marts) की स्थापना की जाएगी, जिससे लाखों महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता मिलेगी।
