भोपाल, 16 फरवरी 2026।
ईंधन संरक्षण, ऊर्जा दक्षता और सतत विकास को जन-आंदोलन बनाने के उद्देश्य से आयोजित संरक्षण क्षमता महोत्सव 2025–26 (सक्षम) का समापन सोमवार को समन्वय भवन, मालवीय नगर, भोपाल में गरिमामय समारोह के साथ हुआ। यह राष्ट्रीय स्तर का अभियान पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के तत्वावधान में 1 से 15 फरवरी 2026 तक पूरे देश में मनाया गया।
समापन समारोह में विभिन्न तेल विपणन कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों, शिक्षण संस्थानों के छात्र-छात्राओं तथा आम नागरिकों की उल्लेखनीय सहभागिता देखने को मिली। कार्यक्रम में इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड और गेल इंडिया लिमिटेड के प्रतिनिधियों ने सहभागिता कर अभियान की उपलब्धियों को साझा किया।
“तेल और गैस बचाओ, हरित ऊर्जा अपनाओ” रहा इस वर्ष का संदेश
इस वर्ष सक्षम 2025–26 की थीम “तेल और गैस बचाओ, हरित ऊर्जा अपनाओ” रखी गई थी। इसका उद्देश्य आमजन को पारंपरिक ईंधनों के विवेकपूर्ण उपयोग, वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को अपनाने तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रेरित करना रहा।
कार्यक्रम के दौरान दी गई प्रस्तुति में बताया गया कि दो सप्ताह चले इस अभियान में राज्यभर में जनजागरूकता से जुड़ी अनेक गतिविधियाँ आयोजित की गईं। इनमें साइक्लोथॉन, वॉकथॉन, स्कूलों में पेंटिंग प्रतियोगिताएँ, पेट्रोल पंपों पर नुक्कड़ नाटक तथा औद्योगिक क्षेत्रों में तकनीकी सेमिनार शामिल रहे। इन आयोजनों के माध्यम से ऊर्जा बचत, टिकाऊ जीवनशैली और प्राकृतिक संसाधनों के इष्टतम उपयोग का संदेश जन-जन तक पहुँचाया गया।
छात्रों की भागीदारी बनी अभियान की खास पहचान
भोपाल के विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने भी इस महोत्सव में सक्रिय भूमिका निभाई। पेंटिंग प्रतियोगिताओं और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों ने ऊर्जा संरक्षण और हरित भविष्य को लेकर अपने विचार रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किए। आयोजकों का मानना है कि नई पीढ़ी की यह सहभागिता भविष्य में सतत विकास की दिशा को मजबूत आधार देगी।
सामूहिक प्रयासों से ही संभव है हरित परिवर्तन
समापन अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि ऊर्जा का जिम्मेदार उपयोग और पर्यावरण के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण आज समय की आवश्यकता है। तेल विपणन कंपनियों, शैक्षणिक संस्थानों और नागरिकों की सामूहिक भागीदारी ने यह सिद्ध कर दिया कि यदि सभी मिलकर प्रयास करें तो हरित परिवर्तन की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकते हैं।
कार्यक्रम का समापन सकारात्मक संदेश के साथ हुआ—कि ईंधन संरक्षण केवल एक सरकारी अभियान नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। सक्षम जैसे प्रयास देश को ऊर्जा-सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल भविष्य की ओर ले जाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
