बड़वानी, 10 अप्रैल – खरगौन-बड़वानी लोकसभा सांसद गजेंद्र पटेल ने मोनालिसा और फरमान की शादी मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की 72 घंटे की जांच के आधार पर बड़ा खुलासा किया है। आयोग ने उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और केरल में जांच के दौरान पाया कि मोनालिसा की वास्तविक उम्र मेडिकल सर्टिफिकेट और दस्तावेजों के अनुसार मात्र 16 वर्ष है, जबकि केरल के मंदिर रिकॉर्ड और केरल सरकार के प्रमाण में उसे 18 वर्ष की बालिग बताया गया है ।
सांसद पटेल ने आरोप लगाया कि पंचायत और नगर पालिका के फर्जी प्रमाण-पत्रों के जरिए यह धोखाधड़ी की गई। उन्होंने केरल सरकार के मंत्री, विधायक और पीएफआई संगठन की मिलीभगत का भी जिक्र किया। पटेल ने कहा, “यह लव जिहाद और पॉक्सो एक्ट का स्पष्ट मामला है। नाबालिग होने के कारण सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

आयोग ने मध्य प्रदेश और केरल के डीजीपी को मामले में तलब किया है। सांसद ने आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य और उनकी टीम को धन्यवाद देते हुए कहा, “आयोग की इस कार्रवाई से जनजातीय समाज और सनातन धर्म को न्याय मिलेगा। मोनालिसा और उसका परिवार षड्यंत्र का शिकार हुए हैं।”
