बड़वानी 4 अप्रैल – नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के अंतर्गत ICJS, MedLEaPR, e-DAR एवं राहवीर योजना के सुचारू संचालन हेतु एक समन्वयात्मक कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें न्यायपालिका, पुलिस विभाग, आरटीओ एवं चिकित्सा क्षेत्र के प्रमुख प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यशाला में न्यायालयीन प्रक्रिया को पारदर्शी, समयबद्ध एवं प्रभावी बनाने तथा विभागों के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष ध्यान दिया गया।
न्यायिक प्रक्रिया को मजबूत बनाएं
माननीय प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश बड़वानी श्री चंदन सिंह चौहान ने न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावी एवं पारदर्शी बनाए रखने, प्रकरणों के त्वरित एवं निष्पक्ष निराकरण तथा अभिलेखों के समुचित संधारण पर मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने ICJS के प्रभावी उपयोग और विभिन्न विभागों के बीच डिजिटल समन्वय सुदृढ़ करने पर भी चर्चा की।
विभागीय समन्वय की कुंजी
पुलिस अधीक्षक बड़वानी श्री पद्मविलोचन शुक्ल ने विभागों के मध्य समन्वय स्थापित करने और एमएलसी सहित अन्य प्रकरणों में आने वाली कठिनाइयों पर न्यायपालिका एवं चिकित्सकों से प्राप्त मार्गदर्शन उपयोगी बताया।
डेटा से दुर्घटनाएं रोकें
इस अवसर पर अधिकारियों को दुर्घटना संबंधी सभी प्रकार के आंकड़ों की सटीक एवं समयबद्ध फीडिंग, डाटा क्वालिटी तथा डेटा एनालिसिस के माध्यम से दुर्घटनाओं की रोकथाम और दावों के शीघ्र निपटान में सहयोग की महत्ता बताई गई। प्रशिक्षण में विभिन्न स्टेकहोल्डर विभागों के साथ इंटीग्रेशन एवं केस फॉरवर्डिंग की प्रक्रिया पर भी प्रकाश डाला गया, ताकि पीड़ित पक्ष को समय पर न्याय मिल सके।
तकनीकी दक्षता अनिवार्य
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री धीरज बब्बर ने बताया कि एमएलसी/पीएम, आई-रेड तथा अन्य प्रक्रियाओं के प्रभावी संचालन के लिए फील्ड स्तर पर कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों का तकनीकी रूप से दक्ष होना आवश्यक है। उन्होंने संबंधित विभागों के मध्य सतत समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया।
राहवीर योजना का विस्तार
आरटीओ बड़वानी श्री राकेश भूरिया ने राहवीर योजना के उद्देश्य और संचालन पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया।
पीएम राहत: त्वरित सहायता
एनआईसी प्रबंधक श्री मोहित पाटीदार ने पीएम राहत योजना के अंतर्गत सड़क दुर्घटना के मामलों में पीड़ितों को वित्तीय सहायता प्रदान करने की प्रक्रिया और इससे जुड़ी व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से बताया कि किस प्रकार पीड़ितों को मिलने वाली राशि सीधे उनकी सुविधा और राहत को ध्यान में रखते हुए प्रदान की जाती है। इसके साथ ही उन्होंने e-DAR प्रणाली के माध्यम से दुर्घटना प्रकरणों के डिजिटल संधारण, डेटा की त्वरित उपलब्धता तथा मामलों के शीघ्र निष्पादन की कार्यप्रणाली पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। इस दौरान उन्होंने चिकित्सा सुविधाओं के प्रावधान और उनके समन्वय के महत्व को भी रेखांकित किया, ताकि सड़क दुर्घटना पीड़ितों को समय पर समुचित सहायता सुनिश्चित की जा सके।
समन्वय से समय पर उपचार
मनोरमा हॉस्पिटल के डायरेक्टर श्री सुनील शर्मा ने संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की पीएम राहत योजना के अंतर्गत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने वाले नागरिकों को प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है, जिससे घायलों को समय पर उपचार मिल सके।
चिकित्सकों के उपयोगी सुझाव
कार्यक्रम में शासकीय एवं निजी चिकित्सकों द्वारा एक्सीडेंटल केस और मेडिकल लीगल प्रकरणों में आ रही समस्याओं पर सुझाव प्रस्तुत किए गए। कार्यशाला के माध्यम से प्रक्रियागत समस्याओं के समाधान, समयबद्ध कार्यवाही और नवीन कानूनों की बेहतर समझ विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया।
मुख्य उपस्थितजन
कार्यशाला में माननीय प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश बड़वानी श्री चंदन सिंह चौहान, पुलिस अधीक्षक बड़वानी श्री पद्मविलोचन शुक्ल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री धीरज बब्बर, अपर कलेक्टर श्री सोहन कनाश, आरटीओ बड़वानी श्री राकेश भूरिया, एसडीओपी सेंधवा श्री अजय वाघमारे, एसडीओपी राजपुर श्री आयुष अलावा, उप पुलिस अधीक्षक अजाक निलेश्वरी डावर, सीएमएचओ बड़वानी डॉ. सुरेखा जमरे, एनआईसी प्रबंधक श्री मोहित पाटीदार, मनोरमा हॉस्पिटल के डायरेक्टर श्री सुनील शर्मा, साईं हॉस्पिटल बड़वानी के डायरेक्टर श्री आनंद मारु, संजीवनी हॉस्पिटल बड़वानी की डायरेक्टर रश्मि पाटीदार , प्रेस क्लब अध्यक्ष श्री पंकज शुक्ला सहित जिले के समस्त थाना प्रभारी, चौकी प्रभारी एवं शासकीय एवं निजी चिकित्सालयों के चिकित्सकगण , मीडियाकर्मी व कार्यक्रम के संचालक श्री अनिल जोशी उपस्थित रहे।
