डीजीएफटी भोपाल कार्यालय बंद होने की अफवाह निराधार — निर्यातकों को नए बाजार तलाशने का आह्वान

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भोपाल। फेडरेशन ऑफ मध्यप्रदेश चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FMPCCI) के कार्यालय, मालवीय नगर भोपाल में संयुक्त निदेशक, डीजीएफटी (DGFT) मध्य प्रदेश अखिलेश शर्मा का स्वागत एवं संवाद कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम में प्रदेश के अनेक प्रमुख निर्यातक एवं उद्योगपति शामिल हुए और निर्यात संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

डीजीएफटी कार्यालय पूरी तरह सक्रिय — अफवाहों का खंडन

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अखिलेश शर्मा ने स्पष्ट कहा कि “डीजीएफटी भोपाल कार्यालय बंद होने की खबरें पूरी तरह अफवाह हैं। कार्यालय पूरी क्षमता से सक्रिय है और निर्यातकों की समस्याओं के समाधान में तत्पर है।” उन्होंने निर्यातकों को भरोसा दिलाया कि विभाग का हर कर्मचारी उद्योग और व्यापार की सेवा में सजग है।

निर्यातकों को वैश्विक अवसरों का लाभ उठाने की सलाह

संयुक्त निदेशक ने कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में नए बाजारों की खोज करना आवश्यक है। यदि निर्यातकों को कहीं भी विभागीय सहयोग चाहिए तो वे सीधे संपर्क कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि डीजीएफटी के पास अपना बजट है, जिसके तहत निर्यातकों को विदेशी एग्ज़िबिशन और एक्सपो में भाग लेने के लिए सहयोग उपलब्ध कराया जा सकता है।
साथ ही उन्होंने यह जानकारी भी दी कि भारत ने 11 देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) किए हैं, जिनसे मध्यप्रदेश के निर्यातक विशेष लाभ उठा सकते हैं।

फेडरेशन को मजबूत मंच बताया

श्री शर्मा ने कहा कि फेडरेशन उद्योग और सरकार के बीच समन्वय का मजबूत मंच है। निर्यातकों को इसकी सदस्यता लेकर समय-समय पर सूचना और डाटा का लाभ लेना चाहिए।

फेडरेशन पदाधिकारियों और निर्यातकों की राय

फेडरेशन अध्यक्ष दीपक शर्मा ने स्वागत भाषण में कहा कि अखिलेश शर्मा की उपस्थिति से निर्यातकों का भरोसा बढ़ा है और यह साबित हुआ है कि भोपाल कार्यालय पूरी तरह सक्रिय है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में डीजीएफटी उद्योगों को सटीक जानकारी और डाटा उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाएगा।

पूर्व अध्यक्ष डॉ. राधा शरण गोस्वामी ने कहा कि मध्यप्रदेश के फार्मा, इंजीनियरिंग, फूड और हैंडीक्राफ्ट क्षेत्र राज्य के प्रमुख निर्यात स्तंभ हैं। उन्होंने डीजीएफटी से आग्रह किया कि लाइव डाटा उचित दरों पर उपलब्ध कराया जाए, ताकि छोटे निर्यातकों को भी लाभ मिल सके।
उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में अफ्रीका और लैटिन अमेरिका सबसे संभावनाशील बाजार हैं और वहां की भुगतान प्रणाली मजबूत है। इसलिए विभाग को इन देशों के आयातकों व मांग से संबंधित जानकारी समय पर उपलब्ध करानी चाहिए।

कार्यक्रम में रही उद्योग जगत की उपस्थिति

संवाद कार्यक्रम में प्रदेश के प्रमुख उद्योगपतियों और निर्यातकों ने भाग लिया। इनमें एच.ई.जी. से अरुण पारेख, परमाली वालेस के निदेशक मिहिर मर्चेंट, पराग पॉलीप्लास्ट से सी. बी. मालपानी, अशोक पटेल, नोबल कोरुगेटोर से मनोज मोदी, एलेस्को सरजीफार्मा से इशिका मोदी, किलपेस्ट से शिरीष आनंद कोष्टी, एम.पी. विंनियर से पी.ए. जोसफ, मेकसन ग्रुप से राम सोजतिया सहित कई अन्य निर्यातक मौजूद रहे।
कार्यक्रम का संचालन फेडरेशन सचिव प्रवीण आचार्य ने किया।

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