विवेक झा, नई दिल्ली / भोपाल। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के 73वें स्थापना दिवस समारोह में आंचलिक कार्यालय, मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ ने तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में अपनी उत्कृष्ट उपलब्धि दर्ज कराई है। इस अवसर पर कार्यालय को तकनीकी आधारित नवाचार के लिए प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया। यह सम्मान कार्यालय द्वारा विकसित ‘तत्पर’ और ‘दर्पण’ पोर्टलों के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा सेवाओं को अधिक सुलभ, पारदर्शी और प्रभावी बनाने के प्रयासों के लिए दिया गया।
यह भव्य आयोजन नई दिल्ली के भारत मंडपम सभागार में हुआ, जहां मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री और युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया उपस्थित थे। कार्यक्रम में श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की सचिव सुश्री वंदना गुरनानी और केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त रमेश कृष्णमूर्ति सहित मंत्रालय एवं संगठन के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया।

डिजिटल बदलाव की दिशा में सराहनीय पहल
मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा विकसित ‘तत्पर’ पोर्टल कर्मचारियों और नियोक्ताओं के लिए एक इंटरएक्टिव ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है, जो शिकायत निवारण, फॉर्म सबमिशन, ट्रैकिंग और सुझाव प्राप्त करने जैसी सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराता है। वहीं ‘दर्पण’ पोर्टल के माध्यम से विभागीय कार्यों की निगरानी, डेटा विश्लेषण और प्रदर्शन मूल्यांकन की प्रक्रिया को डिजिटल बनाया गया है।
इन दोनों पहलों ने संगठन की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और दक्षता को बढ़ावा दिया है, जिससे लाखों अंशदाताओं को लाभ मिला है।
पुरस्कार ग्रहण करने पहुंचे ईपीएफओ के अधिकारी
इस गौरवपूर्ण अवसर पर आंचलिक कार्यालय (म.प्र. एवं छ.ग.) की ओर से अपर केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त वी. रंगनाथ, क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त शिखर शर्मा, शलभ दुबे, लेखाधिकारी रजत वर्धन, अनुभाग प्रभारी महेश चोईथानी तथा सामाजिक सुरक्षा सहायक सुश्री लवली भोजवानी केंद्रीय कार्यालय द्वारा आमंत्रित किए गए थे। इन सभी अधिकारियों ने यह पुरस्कार संगठन के नाम ग्रहण किया।
नवाचार के प्रति संगठन की प्रतिबद्धता
समारोह के दौरान वक्ताओं ने कहा कि ईपीएफओ ने हाल के वर्षों में डिजिटलीकरण, ऑटोमेशन और नागरिक सेवाओं के सरलीकरण के क्षेत्र में कई उल्लेखनीय कदम उठाए हैं। ‘तत्पर’ और ‘दर्पण’ जैसे नवाचार इसी दिशा में मील का पत्थर साबित हुए हैं।
केंद्रीय मंत्री डॉ. मंडाविया ने इस अवसर पर कहा—
“ईपीएफओ देश के करोड़ों कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा का आधार स्तंभ है। तकनीकी नवाचार से यह संगठन अब और अधिक पारदर्शी, प्रभावी और भरोसेमंद बन रहा है।”
सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बढ़ाया समारोह का आकर्षण
कार्यक्रम में तकनीकी सत्रों के साथ विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आयोजित की गईं, जिनमें ईपीएफओ के विभिन्न क्षेत्रों के कर्मचारियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। समारोह में उपस्थित अतिथियों ने ईपीएफओ द्वारा सामाजिक सुरक्षा को जन-जन तक पहुँचाने के प्रयासों की सराहना की।
मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ का यह सम्मान न केवल इस क्षेत्रीय कार्यालय के लिए गौरव की बात है, बल्कि यह इस बात का प्रमाण भी है कि डिजिटल नवाचार के माध्यम से सरकारी सेवाओं को कैसे आमजन के लिए सरल और सुलभ बनाया जा सकता है।
