नई दिल्ली
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के AI वीडियो प्रकाशित करने के आरोप में लोकसभा विशेषाधिकार विभाग ने कांग्रेस मीडिया सेल को नोटिस जारी किया है. नोटिस में तीन दिनों के अंदर सभी नेताओं के अपना जवाब देने का निर्देश दिया गया है, अन्यथा सदन की अवमानना और विशेषाधिकार उल्लंघन के मामले में कार्रवाई करने की बात कही गई है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीजेपी सांसद विष्णु दत्त शर्मा की शिकायत के आधार पर लोकसभा के विशेषाधिकार विभाग ने कांग्रेस सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म की चेयरपर्सन सुप्रिया श्रीनेत और एआईसीसी के आठ अन्य पदाधिकारियों के खिलाफ विशेषाधिकार हनन और सदन की अवमानना का नोटिस जारी किया है.
सचिवालय ने ये कदम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ एक अपमानजनक कैरिकेचर और एआई वीडियो प्रकाशित करने के बाद उठाया गया है. लोकसभा सचिवालय के निदेशक बाला गुरु जी ने 11 फरवरी को ये आधिकारिक पत्र भेजकर सभी आरोपियों से स्पष्टीकरण मांगा है.
लोकसभा सचिवालय द्वारा भेजे गए इस पत्र में सुप्रिया श्रीनेत और अन्य पदाधिकारियों को अपनी सफाई पेश करने के लिए तीन दिनों का वक्त दिया गया है. नोटिस में स्पष्ट रूप से निर्देश दिया गया है कि इस संचार की प्राप्ति के तीन दिनों के अंदर अपना जवाब प्रस्तुत करें. ये जवाब लोकसभा अध्यक्ष के विचारार्थ पेश किया जाएगा, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी. सचिवालय ने प्राप्तकर्ता से पत्र की प्राप्ती (Receipt) भी तुरंत भेजने का अनुरोध किया है, ताकि कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके.
क्या मामला
आपको बता दें कि ये पूरा विवाद सोशल मीडिया पर साझा की गई एक सामग्री से जुड़ा है, जिसे लोकसभा अध्यक्ष की गरिमा के खिलाफ माना गया है. शिकायतकर्ता विष्णु दत्त शर्मा का आरोप है कि कांग्रेस के मीडिया विभाग ने जानबूझकर भ्रामक एआई वीडियो और अपमानजनक तस्वीरों का सहारा लिया. इस मामले को सदन की अवमानना की श्रेणी में रखा गया है, क्योंकि ये सीधे तौर पर संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के सम्मान से जुड़ा है.
जाने क्या हैं मामला
पीएम मोदी-स्पीकर की AI जेनरेटेड वीडियो को लेकर कांग्रेस के 9 नेताओं को नोटिस
पीएम मोदी, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की AI जेनरेटेड वीडियो को लेकर लोकसभा सचिवालय ने कांग्रेस संचार विभाग के 9 नेताओं को विशेषाधिकार हनन और कंटेम्प ऑफ हाउस का नोटिस दिया है. जिन नेताओं को नोटिस दिया गया है, उनमें जयराम रमेश, पवन खेड़ा, सुप्रिया श्रीनेत, संजीव सिंह समेत नौ नेता शामिल हैं. इनलोगों से तीन दिन में जवाब मांगा गया है. कांग्रेस के इन नेताओं पर पीएम मोदी और स्पीकर ओम बिरला का एक AI जेनरेटेड वीडियो साझा करने का आरोप है.
जयराम रमेश, पवन खेड़ा, सुप्रिया श्रीनेत और संजीव सिंह सहित नौ नेताओं से 3 दिनों के भीतर जवाब मांगा गया है. दरअसल, सितंबर 2025 में बिहार कांग्रेस के आधिकारिक हैंडल से एक 36 सेकंड का AI वीडियो पोस्ट किया गया था. इसमें पीएम मोदी की दिवंगत माताजी को उनकी राजनीति की आलोचना करते हुए दिखाया गया था. वहीं, पिछले साल दिसंबर में लोकसभा स्पीकर का एक डीपफेक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें उन्हें ‘आर्थिक सहायता स्वावलंबन’ योजना के तहत गरीब परिवारों को 12,000 रुपये देने की घोषणा करते हुए दिखाया गया था.
जांच में फर्जी पाया गया वीडियो
पीआईबी फैक्ट चेक और अन्य जांच में पाया गया कि यह वीडियो पूरी तरह फर्जी था. ओरिजिनल वीडियो 1 दिसंबर 2025 का था, जिसमें स्पीकर दिवंगत सांसदों को श्रद्धांजलि दे रहे थे, लेकिन AI के जरिए उनकी आवाज और ऑडियो बदल दिया गया था. दिल्ली पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की अलग-अलग धाराओं के तहत FIR दर्ज की थी. पटना हाई कोर्ट ने कांग्रेस को यह वीडियो सोशल मीडिया से तुरंत हटाने का निर्देश दिया था.
