एलएनसीटी में 27–28 फरवरी को होगा इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस “ICAIEST”

एलएनसीटी-में-27–28-फरवरी-को-होगा-इंटरनेशनल-कॉन्फ्रेंस-“icaiest”

भोपाल। राजधानी भोपाल के रायसेन रोड स्थित Lakshmi Narain College of Technology (एलएनसीटी) में 27 और 28 फरवरी को दो दिवसीय इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस “एडवांस्ड इनोवेशन इन इंजीनियरिंग, साइंस एंड टेक्नोलॉजी (ICAIEST)” का आयोजन किया जा रहा है। यह सम्मेलन Madhya Pradesh Council of Science and Technology, भोपाल के सहयोग से डिपार्टमेंट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग द्वारा हाइब्रिड मोड (ऑनलाइन एवं ऑफलाइन) में आयोजित होगा।

इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्देश्य इंजीनियरिंग, विज्ञान और उभरती तकनीकों के क्षेत्र में हो रहे नवीन शोध और नवाचारों को साझा करना है, ताकि एकेडमिक जगत और इंडस्ट्री के बीच प्रभावी संवाद स्थापित हो सके और रिसर्च से इंडस्ट्री तक टेक्नोलॉजी ट्रांसफर को गति मिल सके।

आधुनिक तकनीकों पर केंद्रित होंगे सत्र

कॉन्फ्रेंस में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं न्यूरल नेटवर्क, कंट्रोल और ऑटोमेशन सिस्टम, कॉग्निटिव कंप्यूटिंग, स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, एम्बेडेड सिस्टम, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), सिग्नल व इमेज प्रोसेसिंग, वीएलएसआई और नैनो इलेक्ट्रॉनिक्स, आरएफ कम्युनिकेशन, पावर सिस्टम इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिक व्हीकल, स्मार्ट ग्रिड टेक्नोलॉजी, इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन, रिन्यूएबल एनर्जी सोर्स, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स एंड ड्राइव, स्मार्ट हेल्थ केयर और मशीन लर्निंग जैसे विषयों पर विशेषज्ञ अपने शोध पत्र प्रस्तुत करेंगे।

देश-विदेश से आने वाले शिक्षाविद, वैज्ञानिक, शोधकर्ता और इंडस्ट्री प्रोफेशनल्स इन तकनीकी सत्रों के माध्यम से अपने अनुभव साझा करेंगे। इससे प्रतिभागियों को नई तकनीकों की समझ मिलेगी और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप समाधान तलाशने में मदद मिलेगी।

इंडस्ट्री–एकेडमिक संवाद को मिलेगा नया आयाम

यह इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस कंपनियों और संस्थानों को अपने प्रोडक्ट, सर्विस, इनोवेशन और टेक्नोलॉजी के साथ-साथ अपनी इनोवेटिव रिसर्च के परिणाम प्रस्तुत करने का मंच भी प्रदान करेगी। आयोजकों के अनुसार, यह प्लेटफॉर्म इंडस्ट्री और एकेडमिक ऑर्गनाइजेशन के बीच मजबूत संवाद स्थापित करेगा, जिससे स्टार्टअप्स और टेक्नोलॉजी आधारित उद्यमों को भी नई दिशा मिल सकती है।

छात्रों और शिक्षकों को होगा सीधा लाभ

एलएनसीटी समूह के सचिव डॉ. अनुपम चौकसे ने कहा कि इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन से ज्ञान का व्यापक आदान–प्रदान होगा। इसका लाभ न केवल शिक्षकों को मिलेगा, बल्कि छात्रों को भी वैश्विक स्तर की रिसर्च और अत्याधुनिक तकनीकों से रूबरू होने का अवसर प्राप्त होगा। उन्होंने बताया कि ऐसे आयोजन युवाओं में रिसर्च कल्चर को बढ़ावा देने के साथ-साथ उन्हें इंडस्ट्री की वास्तविक जरूरतों से जोड़ने का काम करते हैं।

भोपाल बनेगा टेक्नोलॉजी डिस्कशन का केंद्र

दो दिनों तक चलने वाला यह सम्मेलन भोपाल को तकनीकी विमर्श के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित करेगा। आयोजकों ने शोधकर्ताओं, शिक्षकों, छात्रों, इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स और टेक्नोलॉजी प्रोफेशनल्स से इस अंतरराष्ट्रीय मंच का हिस्सा बनने का आग्रह किया है।

आईसीएआईईएसटी 2026 न केवल ज्ञान साझा करने का अवसर प्रदान करेगा, बल्कि यह भविष्य की स्मार्ट टेक्नोलॉजी और सतत विकास की दिशा में सार्थक संवाद का सेतु भी बनेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *