भोपाल के वल्लभ भवन-सतपुड़ा और विंध्याचल में हाजिरी पर सख्ती, CM के निर्देश पर शुरू हुई मॉनिटरिंग

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भोपाल

मुख्यमंत्री ने सरकारी कार्यालयों में समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने वल्लभ भवन सहित प्रमुख मंत्रालयीन परिसरों में छापामार कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं। आदेश के तहत अधिकारियों और कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति, कार्यालय में आने-जाने का समय तथा अनधिकृत अनुपस्थिति की विस्तृत जानकारी एकत्र की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य शासकीय कार्यप्रणाली में अनुशासन और जवाबदेही को मजबूत करना है।
सुबह 10 से शाम 6 बजे तक होगी विशेष निगरानी

निर्देशों के अनुसार आज सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक वल्लभ भवन, विंध्याचल और सतपुड़ा—तीनों कार्यालय परिसरों में विशेष मॉनिटरिंग की जाएगी। मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव भले ही भोपाल से बाहर दौरे पर रहेंगे, लेकिन मुख्यमंत्री सचिवालय और सामान्य प्रशासन विभाग को स्पष्ट रूप से कहा गया है कि निर्धारित समयावधि में उपस्थिति से जुड़ी हर जानकारी संकलित की जाए। कर्मचारियों की हाजिरी, देरी से आने या समय से पहले जाने जैसी गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जाएगी।
सामान्य प्रशासन विभाग की टीमें तैनात

सामान्य प्रशासन विभाग ने इस अभियान के लिए अलग-अलग टीमें गठित कर दी हैं, जिन्हें तीनों भवनों में तैनात किया गया है। ये टीमें मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति का आकलन करेंगी और अपनी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपेंगी। साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों को भी इस संबंध में पूर्व सूचना दे दी गई है, ताकि निरीक्षण प्रक्रिया पारदर्शी और प्रभावी ढंग से संपन्न हो सके।
अनुशासन और जवाबदेही पर सरकार का फोकस

सरकार का मानना है कि समयपालन और नियमित उपस्थिति से प्रशासनिक कार्यों की गति और गुणवत्ता दोनों में सुधार होगा। इस कार्रवाई के जरिए स्पष्ट संदेश दिया गया है कि लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आने वाले समय में भी ऐसे औचक निरीक्षण जारी रह सकते हैं, जिससे शासकीय तंत्र में कार्यसंस्कृति को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके।

सीएम और मुख्य सचिव दौरे पर, फिर भी सख्ती

बताया गया है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव और मुख्य सचिव अनुराग जैन वर्तमान में भोपाल से बाहर दौरे पर हैं। इसके बावजूद मुख्यमंत्री के निर्देश पर मुख्यमंत्री सचिवालय और सामान्य प्रशासन विभाग को सभी संबंधित दफ्तरों में अधिकारी-कर्मचारियों की उपस्थिति, आने-जाने का समय और अनाधिकृत अनुपस्थिति की जानकारी एकत्र करने के आदेश दिए गए हैं।

सामान्य प्रशासन विभाग की टीमें तीनों भवनों में तैनात होकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

समय पालन पर मुख्यमंत्री का सख्त संदेश

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि जनकल्याणकारी योजनाओं और आम जनता से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक सभी अधिकारी और कर्मचारियों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी।

उन्होंने संदेश दिया है कि यदि समय पालन में कोताही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

पारदर्शी प्रशासन पर जोर

राज्य सरकार का कहना है कि जनता की सुविधा और पारदर्शी प्रशासन सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसलिए सभी शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों को पूर्ण जिम्मेदारी और समयबद्धता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना होगा।

टार्गेट क्या है?

इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य केवल हाजिरी लगाना नहीं, बल्कि अधिकारियों और कर्मचारियों के आने-जाने का सटीक समय नोट करना और अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने वालों की जानकारी संकलित करना है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इसके लिए खास टीमों का गठन किया है, जो पूरे दिन इन दफ्तरों में उपस्थिति और काम की निगरानी करेंगी।

पहले भी सीएम ने दी है वार्निंग
यह पहली बार नहीं है जब मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को समय की पाबंदी को लेकर हिदायत दी है। इससे पहले भी वे सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं कि राज्य में हफ्ते में पांच दिन ही दफ्तर खुलने के बावजूद, कई अधिकारी निर्धारित समय पर दफ्तर नहीं पहुंचते हैं। सीएम का मानना है कि अधिकारियों की देरी से आने की आदत प्रशासनिक काम में बड़ी परेशानी पैदा करते हैं और आम जनता के काम रोकते हैं।

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