वाशिंगटन/तेहरान, 20 मार्च – अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान युद्ध के कारण वैश्विक ऊर्जा कीमतों में आए उछाल के बीच अपने सहयोगियों को “कायर” करार दिया है।
ट्रंप ने सहयोगियों की उस हिचकिचाहट पर नाराजगी जताई है, जिसके कारण वे होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने में मदद नहीं कर रहे हैं। ईरान ने अमेरिका और इजरायल द्वारा युद्ध शुरू किए जाने के बाद इस महत्वपूर्ण मार्ग को प्रभावी रूप से बंद कर दिया है।
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा, “वे तेल की उन ऊंची कीमतों की शिकायत करते हैं जिन्हें चुकाने के लिए वे मजबूर हैं, लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने में मदद नहीं करना चाहते, जो कि एक सरल सैन्य युद्धाभ्यास है।”
ईरान में फारसी नव वर्ष के फीके समारोहों के बीच, देश के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई का दूसरा बड़ा बयान सामने आया है। लगभग दो सप्ताह पहले अपनी नियुक्ति के बाद से खामेनेई न तो सार्वजनिक रूप से दिखाई दिए हैं और न ही उनका कोई ऑडियो या वीडियो संदेश जारी हुआ है। सरकारी टेलीविजन पर उनके नाम से पढ़े गए संदेश में खामेनेई ने एकता का आह्वान किया और दावा किया कि उन्होंने एक टैक्सी में “गुमनाम” होकर तेहरान की सड़कों की सवारी की है।
गत 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से इजरायली हमलों में मारे गए वरिष्ठ अधिकारियों के स्थान पर ईरान ने अब तक नए नामों की घोषणा नहीं की है। एक सर्वेक्षण के अनुसार, तेहरान द्वारा पुष्टि किए गए एक दर्जन से अधिक वरिष्ठ अधिकारियों की मौतों के बावजूद उनके उत्तराधिकारियों के नाम तय नहीं किए गए हैं। दूसरी ओर इजरायल ने ईरानी शासन के वरिष्ठ अधिकारियों को निशाना बनाना जारी रखने का संकल्प दोहराया है।
ईरान समर्थित हिजबुल्लाह के रॉकेट हमलों के जवाब में दो मार्च को शुरू हुए इजरायली सैन्य अभियानों में अब तक लेबनान में 1,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं, जिनमें कम से कम 110 बच्चे शामिल हैं। इजरायल ने आज दक्षिणी लेबनान में व्यापक निकासी के आदेश जारी किए हैं। संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि पिछले दो सप्ताह में देश की पांचवीं आबादी बेघर हो गई है।इजरायली सेना ने आज दक्षिणी लेबनान के जह्रानी नदी के दक्षिण में रहने वाले निवासियों को तुरंत इलाका खाली करने के नए आदेश जारी किए हैं। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, पिछले दो हफ्तों में लेबनान की लगभग 20 प्रतिशत आबादी (करीब 10 लाख लोग) विस्थापित हो चुकी है।
लगभग तीन सप्ताह से जारी युद्ध के रुकने के संकेत न मिलने के कारण कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई हैं। हालांकि, वैश्विक बेंचमार्क ‘ब्रेंट क्रूड’ की कीमतों में आज कुछ उतार-चढ़ाव देखा गया, जब इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल, प्रमुख ईरानी ऊर्जा स्थलों पर हमले रोकने के ट्रंप के आह्वान पर विचार करेगा।
युद्ध के 21वें दिन, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने पुष्टि की कि उनके शीर्ष प्रवक्ता अली मोहम्मद नैनी एक अमेरिकी-इजरायली हवाई हमले में मारे गए हैं। इसके कुछ ही समय बाद, कुवैत की ‘मीना अल-अहमदी’ रिफाइनरी पर कई ड्रोन हमले हुए, जिससे वहां भीषण आग लग गई। ईरान ने संकेत दिया है कि जब तक उसके दुश्मन सुरक्षित महसूस करेंगे, तब तक वह क्षेत्रीय ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना जारी रखेगा।
ट्रंप का सहयोगियों पर निशाना, होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से ऊर्जा संकट गहराया
