माँ छोले वाली ने महामारी को किया था नष्ट ।

रायसेन, 21 मार्च – मध्यप्रदेश के रायसेन जिला मुख्यालय से लगभग 18 किलोमीटर दूर सागर भोपाल मार्ग पर खंडेरा में स्थित मां छोले वाली के दरबार में लगभग 450 सालों से मां भक्तों की हर मनोकामना पूरी कर रही हैं।


मंदिर पुजारी खंडेरा धाम ने बताया कि पुरानी कथाओं के अनुसार लगभग 450 साल पहले यहां एक महामारी फैली थी। हालत यह थे कि ग्रामीण एक व्यक्ति का अंतिम संस्कार करके वापस नहीं लौट पाते थे और दूसरे व्यक्ति की मौत हो जाती थी। ये सिलसिला कई दिनों तक चलता रहा। एक दिन ग्रामीण एक व्यक्ति का अंतिम संस्कार करके लौट रहे थे तभी रास्ते में उन्हें एक साधु मिले तो ग्रामीणों ने उनको अपनी समस्या बताई। साधु महात्मा ने कहा कि अगर यहां सूखे नारियल का यज्ञ कराएंगे तो यह महामारी खत्म हो जाएगी।
ग्रामीणों के अनुरोध पर उन्हीं साधु महात्मा ने सूखे नारियल से यज्ञ किया और यज्ञ के पश्चात मां पांच पिंडी रूप में छोले के पेड़ से प्रकट हुईं। तब से लेकर आज तक पांच पिंडी के रूप में मां यहां विराजमान होकर भक्तों की हर मनोकामना पूरी कर रही है।ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी सोनिका गौर ने बताया कि दर्शन करने आए भक्तमाता के दरबार में हाजिरी लगाने और अपनी मन की मुराद पूरी कराने के लिए बड़ी संख्या में दूर-दूर से यहां पहुंचते हैं। भक्त नवरात्रि के समय पर सैंकड़ो की संख्या में मां के दरबार में पैदल नंगे पैर पहुंचते हैं।
दर्शन करने आई भक्त संजना राजपूत ने बताया कि जिन महिलाओं के बच्चे नहीं होते मां के इस दरबार में अर्जी लगाने से उनकी सूनी गोद भी भर जाती है। जिन भक्तों की मुराद पूरी हो जाती है, वह मां के दरबार में चुनरी चढ़ाते हैं।

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