ईरान युद्ध दो से तीन हफ्तों में खत्म हो सकता है, समझौते की जरूरत नहीं: ट्रंप

‘हमला-किया-तो-ऐसा-मारेंगे-कि-दुनिया-ने-कभी-नहीं-देखा-होगा’,-ट्रंप-की-ईरान-को-लास्ट-वॉर्निंग

वॉशिंगटन 01 अप्रैल – अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि ईरान के साथ चल रहा युद्ध जल्द समाप्ति की ओर बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष को खत्म करने के लिए ईरान को अमेरिका के साथ किसी समझौते की आवश्यकता नहीं है।
श्री ट्रंप के इस बयान से अमेरिका के रुख में बदलाव का संकेत मिलता है। 28 फरवरी से शुरू हुए इस युद्ध के पांचवें सप्ताह में पहुंचने के बाद अब प्रशासन पहले की तुलना में अलग रणनीति अपनाता नजर आ रहा है।
व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रंप ने मंगलवार को कहा, “हम बहुत जल्द निकल जाएंगे… दो हफ्तों में, शायद तीन हफ्तों में।” जब उनसे पूछा गया कि ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ को समाप्त करने के लिए क्या कोई कूटनीतिक समझौता जरूरी है, तो उन्होंने साफ कहा, “नहीं, ईरान को मेरे साथ कोई समझौता करने की जरूरत नहीं है।”
ओवल ऑफिस से बोलते हुए श्री ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी सैन्य अभियान के प्रमुख लक्ष्य काफी हद तक हासिल कर लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि ईरान की सैन्य क्षमता को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा है और उसे दोबारा खड़ा होने में 15 से 20 साल लग सकते हैं। उनके अनुसार, ईरान की नौसैनिक, वायु और वायु-रोधी क्षमताओं के साथ-साथ दूरसंचार ढांचे को भी भारी क्षति पहुंची है।
उन्होंने कहा, “अगर वे बातचीत की मेज पर आते हैं तो अच्छा होगा, लेकिन इससे फर्क नहीं पड़ता कि वे आते हैं या नहीं।” श्री ट्रंप ने यह भी दोहराया कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने का लक्ष्य पूरा हो चुका है।
व्हाइट हाउस ने घोषणा की कि श्री ट्रंप बुधवार रात 9 बजे (ईडीटी) राष्ट्र को संबोधित करेंगे, जिसमें वह ईरान की स्थिति पर विस्तृत जानकारी देंगे। माना जा रहा है कि इस दौरान वह अमेरिकी विदेश नीति, जारी सैन्य अभियानों और वैश्विक सुरक्षा खतरों पर भी प्रकाश डालेंगे।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी युद्ध को समाप्त करने के ट्रंप के रुख का समर्थन किया। उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका ईरान के साथ सीधे वार्ता और चरणबद्ध तरीके से सैन्य अभियान समाप्त करने के विकल्प तलाश रहा है, भले ही कोई औपचारिक समझौता न हो।
फॉक्स न्यूज को दिए साक्षात्कार में श्री रुबियो ने कहा कि ईरान पिछले 47 वर्षों से परमाणु हथियारों के कारण खतरा बना हुआ है। उन्होंने कहा कि ईरान ने यूरेनियम को 60 प्रतिशत तक समृद्ध किया है और 60 से 90 प्रतिशत तक पहुंचने में 12 से 14 दिन लग सकते हैं, जो परमाणु बम बनाने की दिशा में एक अहम कदम है।
यह बयान पहले दी गई अमेरिकी चेतावनियों से अलग है, जिसमें कहा गया था कि यदि ईरान 15 सूत्रीय युद्धविराम प्रस्ताव को नहीं मानता है, तो सैन्य कार्रवाई और तेज की जाएगी। इस प्रस्ताव में यूरेनियम संवर्धन रोकने, परमाणु हथियार न बनाने की प्रतिबद्धता और होर्मुज़ जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोलने जैसी शर्तें शामिल थीं।
श्री रुबियो ने यह भी कहा कि अमेरिका और ईरान के अधिकारियों के बीच “किसी समय” बैठक हो सकती है और अमेरिका को “अंत नजर आ रहा है, लेकिन तुरंत नहीं।”
इसी बीच, श्री ट्रंप के युद्ध समाप्त करने के संकेतों के बावजूद बुधवार सुबह दोनों पक्षों के बीच हमलों की खबरें सामने आईं। कुवैत के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ड्रोन हमले में ईंधन टैंकों में आग लग गई, जबकि बहरीन में एक अज्ञात कंपनी परिसर में आग लगने की सूचना मिली, जिसे ईरानी हमले से जोड़कर देखा जा रहा है।
इजरायली सेना ने दावा किया कि उसने आईआरजीसी कुद्स फोर्स के लेबनान कोर के इंजीनियरिंग प्रमुख महदी वफाई को निशाना बनाकर मार गिराया है। बताया गया कि महदी वफाई को मध्य शहर महल्लात में मारा गया। इजरायल के अनुसार, वह दो दशकों से लेबनान और सीरिया में भूमिगत परियोजनाओं, हिज़्बुल्ला के लिए ढांचे के निर्माण और हथियार भंडारण के प्रबंधन में शामिल था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *