धार 1 अप्रैल – भोजशाला परिसर से जुड़े विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने एएसआई सर्वे संबंधी याचिकाओं पर हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया है और मुस्लिम पक्ष को अपनी शिकायतें लेकर मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय जाने को कहा है।
सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सीजेआई सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि उच्च न्यायालय की कार्यप्रणाली पर उसे पूरा भरोसा है और वही इस मामले में कानून के अनुसार निर्णय करेगा। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि वह इस स्तर पर मामले के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहती।
मुस्लिम पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद ने पैरवी करते हुए एएसआई रिपोर्ट पर जवाब देने के लिए अधिक समय, सर्वे की वीडियोग्राफी और रंगीन तस्वीरें उपलब्ध कराने तथा हाईकोर्ट में प्रस्तावित सुनवाई स्थगित करने की मांग रखी थी। हालांकि अदालत ने इन मांगों पर हस्तक्षेप से इनकार करते हुए कहा कि इस संबंध में उचित निर्णय हाईकोर्ट ही करेगा।
मामले में हिंदू पक्ष की ओर से ‘हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस’ के अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने पहले ही सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दायर की थी, ताकि किसी भी आदेश से पूर्व उनका पक्ष भी सुना जा सके। सुप्रीम कोर्ट के इस रुख के बाद अब सभी की निगाहें इंदौर खंडपीठ में होने वाली आगामी सुनवाई पर टिकी हैं, जहां यह मामला सूचीबद्ध है।
भोजशाला प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप से इंकार, हाईकोर्ट जाने को कहा l
