वाशिंगटन 02 अप्रैल – हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर केंद्रित एक महत्वपूर्ण राष्ट्रव्यापी संबोधन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने देशवासियों को आश्वस्त किया कि ईरान के साथ चल रहे युद्ध के कारण वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र में मची उथल-पुथल से अमेरिका काफी हद तक सुरक्षित है। उन्होंने सैन्य कार्रवाई तेज करने की चेतावनी देते हुए घोषणा की कि ईरान युद्ध ‘पूरा होने के करीब’ है।
ट्रंप ने अमेरिकियों से कहा कि युद्ध ‘खत्म होने वाला है’ और इसमें केवल ‘दो या तीन सप्ताह’ और लगने का अनुमान है। हालांकि उन्होंने सैन्य अभियान को और तेज करने के संकेत देते हुए चेतावनी दी कि ईरान को ‘पाषाण युग में वापस’ भेजा जा सकता है।
साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति ने अमेरिका के लिए हॉर्मुज जलडमरूमध्य के रणनीतिक महत्व को कमतर बताने की कोशिश की, जबकि इस महत्वपूर्ण समुद्री गलियारे की वजह से दुनिया भर में ईंधन की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है।
श्री ट्रम्प ने कहा, “अमेरिका हॉर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए लगभग न के बराबर तेल आयात करता है और भविष्य में भी वहां से कुछ नहीं लेगा। हमें इसकी जरूरत नहीं है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि दुनिया का अग्रणी तेल और गैस उत्पादक देश होने के नाते, वैश्विक बाजारों पर इसका असर होने के बावजूद अमेरिका सुरक्षित है।
अमेरिकी राष्ट्रपति की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब अमेरिकी नागरिक ईंधन की बढ़ती कीमतों का सामना कर रहे हैं और गैस की कीमतें 2022 के बाद पहली बार चार डॉलर प्रति गैलन के पार पहुंच गई हैं।
श्री ट्रंप ने ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के बारे में अपडेट देते हुए दावा किया कि अमेरिकी सेना ने ‘तेज और जबरदस्त प्रहार’ किए हैं जिससे ईरान की नौसेना और वायु सेना तबाह हो गई है, उसके प्रमुख उग्रवादी नेता मारे गए हैं और अमेरिका तथा उसके सहयोगियों को डराने की उसकी क्षमता खत्म हो गई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, “अब हम पश्चिमी एशिया पर पूरी तरह निर्भर नहीं हैं। फिर भी हम वहां मदद के लिए मौजूद हैं। हमें वहां होने की जरूरत नहीं है। हमें उनके तेल या उनकी किसी चीज की जरूरत नहीं है, लेकिन हम अपने सहयोगियों की मदद के लिए वहां हैं।”
इस अभियान को वैश्विक सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए श्री ट्रंप ने कहा, “मैं ईरान में हमारे योद्धाओं द्वारा की गई जबरदस्त प्रगति की जानकारी देना चाहता हूं और यह बताना चाहता हूं कि अमेरिका की सुरक्षा और स्वतंत्र दुनिया की सलामती के लिए ऑपरेशन एपिक फ्यूरी क्यों जरूरी है।”
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, “आज अमेरिका की सेना को दुनिया में आतंकवाद के सबसे बड़े प्रायोजक ईरान के खिलाफ ऑपरेशन एपिक फ्यूरी शुरू किए हुए ठीक एक महीना हो गया है। इन पिछले चार हफ्तों में, हमारे सशस्त्र बलों ने युद्ध के मैदान में ऐसी तेज और निर्णायक जीत हासिल की है, जैसी पहले कम ही लोगों ने देखी होगी।”
श्री ट्रंप ने तबाही के पैमाने के बारे में कहा, “आज रात, ईरान की नौसेना खत्म हो चुकी है। उनकी वायु सेना मलबे में तब्दील है। उनके ज्यादातर नेता अब मर चुके हैं। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) का नियंत्रण तंत्र ध्वस्त किया जा रहा है।” उन्होंने यह भी कहा कि ईरान की मिसाइल और ड्रोन दागने की क्षमता काफी कम हो गई है और उनके हथियार कारखाने तथा रॉकेट लॉन्चर उड़ा दिए गए हैं।
ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं पर अपना पुराना रुख दोहराते हुए श्री ट्रम्प ने कहा, “2015 में राष्ट्रपति चुनाव के लिए अपने प्रचार की घोषणा के पहले दिन से ही मैंने कसम खाई थी कि मैं ईरान को कभी परमाणु हथियार नहीं बनाने दूंगा। इन आतंकवादियों के पास परमाणु हथियार होना एक असहनीय खतरा होगा… मैं ऐसा कभी नहीं होने दूंगा।”
श्री ट्रम्प ने कहा, “ईरान की परमाणु हथियारों को रोकने के लिए मैंने अपने दो कार्यकाल के दौरान कई काम किए… सबसे पहले और शायद सबसे महत्वपूर्ण, मैंने अपने पहले कार्यकाल में जनरल कासिम सुलेमानी को मार गिराया। मैंने बराक हुसैन ओबामा के ईरान परमाणु समझौते को खत्म कर दिया। असल में, मैंने वह किया जो कोई दूसरा राष्ट्रपति करने को तैयार नहीं था। उन्होंने गलतियां कीं और मैं उन्हें सुधार रहा हूं।”
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि कूटनीति के प्रयास किए गए लेकिन वे विफल रहे। उन्होंने कहा, “मेरी पहली प्राथमिकता हमेशा कूटनीति का रास्ता थी, फिर भी शासन ने परमाणु हथियारों की अपनी लगातार कोशिश जारी रखी और समझौते के हर प्रयास को ठुकरा दिया। इसी कारण से, जून में मैंने ‘ऑपरेशन मिडनाइट हैमर’ के तहत ईरान के प्रमुख परमाणु ठिकानों पर हमले का आदेश दिया।” उन्होंने दावा किया कि बाद में ईरान ने अपने कार्यक्रम को कहीं और फिर से बनाने की कोशिश की।
वर्तमान उद्देश्यों को रेखांकित करते हुए श्री ट्रम्प ने कहा, “हम व्यवस्थित रूप से अमेरिका को धमकाने या अपनी सीमाओं के बाहर शक्ति दिखाने की कोशिश करने वालों को खत्म कर रहे हैं। ये मुख्य रणनीतिक उद्देश्य पूरे होने के करीब हैं।”
अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपनी सेना की तारीफ करते हुए कहा, “हमारे सशस्त्र बल असाधारण रहे हैं। सैन्य रूप से ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। हर कोई इसके बारे में बात कर रहा है।”
श्री ट्रंप ने युद्ध में मारे गये अमेरिकी सैनिकों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा, “जब हम इस प्रगति का जश्न मना रहे हैं, तो हम विशेष रूप से उन 13 अमेरिकी योद्धाओं के बारे में सोच रहे हैं जिन्होंने इस लड़ाई में अपनी जान दे दी। अब, हमें उस मिशन को पूरा करके उन्हें सम्मानित करना चाहिए जिसके लिए उन्होंने अपने प्राण दिए।”
ईंधन की बढ़ती कीमतों पर श्री ट्रम्प ने कहा, “कई अमेरिकी स्वदेश में पेट्रोल की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी को देखकर चिंतित हैं।
यह अल्पकालिक वृद्धि पूरी तरह से ईरानी शासन द्वारा वाणिज्यिक तेल टैंकरों और पड़ोसी देशों पर किए गए हमलों का परिणाम है।”
अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा, “ईरान पर परमाणु हथियारों के मामले में कभी भरोसा नहीं किया जा सकता। वे उनका इस्तेमाल करेंगे और बहुत जल्द करेंगे।”
ईंधन की आपूर्ति की कमी का सामना कर रहे अन्य देशों के लिए श्री ट्रम्प ने संदेश दिया, “उन देशों के लिए जिन्हें ईंधन नहीं मिल रहा है… मेरा एक सुझाव है। पहला, संयुक्त राज्य अमेरिका से तेल खरीदें, हमारे पास बहुत है। दूसरा, थोड़ी हिम्मत जुटाएं… जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) पर जाएं और सीधे प्राप्त करें। इसका उपयोग अपने लिए करें। ईरान लगभग खत्म हो चुका है। कठिन काम हो चुका है।”
आगे की रणनीति पर श्री ट्रम्प ने अपनी समय सीमा और चेतावनी दोहराई, “मैंने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी की शुरुआत से ही स्पष्ट कर दिया है कि हम तब तक जारी रखेंगे जब तक हमारे उद्देश्य पूरी तरह से प्राप्त नहीं हो जाते। हम अमेरिका के सभी सैन्य उद्देश्यों को बहुत जल्द पूरा करने की राह पर हैं। हम अगले दो से तीन हफ्तों में उन पर बेहद कड़ा प्रहार करने जा रहे हैं।”
श्री ट्रम्प ने कहा, “आज, हर अमेरिकी उस दिन की उम्मीद कर सकता है जब हम अंततः ईरानी आक्रामकता की बुराई और परमाणु ब्लैकमेल के साये से मुक्त होंगे। हमारे द्वारा उठाए गए कदमों के कारण, हम अमेरिका और दुनिया के लिए ईरान के खतरे को खत्म करने के मुहाने पर हैं।”
ईरान लगभग खत्म हो चुका और युद्ध पुरा होने के करीब हैः ट्रंप
