विंध्य क्षेत्र को मिलेगी 118 किलोमीटर नई रेल लाइन की सौगात, देवेंद्रनगर-चुरहट ट्रेन सेवा को दिखाई जाएगी हरी झंडी; उद्योग, व्यापार और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा।
रीवा/ सतना । मध्य प्रदेश के विंध्य क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी के विस्तार की दिशा में 24 अक्टूबर 2026 का दिन महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सतना-देवेंद्रनगर तथा रीवा-चुरहट रेलखंडों का उद्घाटन करेंगे। इन दोनों रेलखंडों की कुल लंबाई 118 किलोमीटर है। इसके साथ ही देवेंद्रनगर-चुरहट नई ट्रेन सेवा को भी हरी झंडी दिखाई जाएगी। इस रेल परियोजना से सीधी जिले को रेल नेटवर्क से जोड़ने और विंध्य क्षेत्र में यात्री परिवहन तथा माल ढुलाई को गति मिलने की उम्मीद है।
सीधी जिले को मिलेगा रेल कनेक्टिविटी का लाभ
रीवा-चुरहट रेलखंड के शुरू होने से सीधी जिले के लोगों को रेल परिवहन का लाभ मिलने की उम्मीद है। इससे यात्रियों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों और व्यापारियों के लिए आवागमन के नए विकल्प उपलब्ध होंगे। रेल संपर्क बढ़ने से क्षेत्र के लोगों को शिक्षा, रोजगार, व्यापार और अन्य जरूरी कार्यों के लिए यात्रा करने में सुविधा मिल सकती है।
सीधी चुरहट रेल्वे स्टेशन की लाईव लिंक ।
सतना-देवेंद्रनगर रेलखंड से उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा
ललितपुर-सिंगरौली नई रेल लाइन परियोजना के अंतर्गत विकसित सतना-देवेंद्रनगर रेलखंड की लंबाई 53 किलोमीटर है। यह रेलखंड सतना, नागौद, देवेंद्रनगर और आसपास के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा।
इस रेलखंड से चूना पत्थर आधारित उद्योगों और सीमेंट संयंत्रों को लाभ मिलने की संभावना है। बेहतर रेल परिवहन से औद्योगिक कच्चे माल और तैयार उत्पादों की ढुलाई आसान हो सकती है। इससे स्थानीय व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
रीवा-चुरहट रेलखंड में बनी 3.33 किलोमीटर लंबी सुरंग
रीवा-चुरहट रेलखंड की लंबाई 65 किलोमीटर है। पहाड़ी भूभाग में विकसित इस रेलखंड पर रेलवे पुलों और सुरंगों सहित कई महत्वपूर्ण इंजीनियरिंग कार्य किए गए हैं। इनमें 3.33 किलोमीटर लंबी सुरंग भी शामिल है।
इस रेलखंड से रीवा और सीधी क्षेत्र के बीच रेल संपर्क को विस्तार मिलेगा। क्षेत्र में चूना पत्थर और अन्य खनिज संसाधनों की उपलब्धता को देखते हुए भविष्य में सीमेंट, क्लिंकर और अन्य माल के परिवहन में भी यह रेल मार्ग उपयोगी साबित हो सकता है।
देवेंद्रनगर-चुरहट ट्रेन सेवा से यात्रियों को राहत
नई देवेंद्रनगर-चुरहट ट्रेन सेवा शुरू होने से स्थानीय यात्रियों को आवागमन का अतिरिक्त विकल्प मिलेगा। विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और ग्रामीण क्षेत्रों के यात्रियों को इससे विशेष लाभ मिलने की संभावना है।
रेल सेवा के विस्तार से आसपास के क्षेत्रों के बीच संपर्क बेहतर होगा। इसके साथ ही व्यापार, शिक्षा और रोजगार से जुड़ी गतिविधियों को भी गति मिल सकती है।
विंध्य क्षेत्र में पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
सतना-देवेंद्रनगर और रीवा-चुरहट रेलखंडों के विकास से विंध्य क्षेत्र में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। मुकुंदपुर स्थित व्हाइट टाइगर सफारी सहित क्षेत्र के धार्मिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों तक पहुंचने में बेहतर रेल कनेक्टिविटी मददगार हो सकती है।
पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने से स्थानीय होटल, परिवहन सेवाओं, खानपान और छोटे कारोबारियों को लाभ मिलने की संभावना है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी विकसित हो सकते हैं।
मध्य प्रदेश में रेल परियोजनाओं के लिए ₹15,188 करोड़ का बजट
वित्त वर्ष 2026-27 में मध्य प्रदेश में रेल विकास के लिए ₹15,188 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है। वहीं, प्रदेश में लगभग ₹1,18,379 करोड़ की रेल परियोजनाओं के कार्य प्रगति पर हैं।
ललितपुर-सिंगरौली नई रेल लाइन परियोजना विंध्य क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है। इसके विस्तार से पन्ना, सतना, रीवा, सीधी और सिंगरौली जैसे क्षेत्रों की रेल कनेक्टिविटी मजबूत होने की उम्मीद है। परियोजना के पूर्ण होने पर खनिज संपदा से समृद्ध क्षेत्रों को देश के प्रमुख औद्योगिक और परिवहन केंद्रों से जोड़ने में मदद मिलेगी।

चुरहट और नागौद में आयोजित होंगे कार्यक्रम
चुरहट रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, रीवा के सांसद जनार्दन मिश्रा और सीधी के सांसद राजेश मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों के उपस्थित रहने की जानकारी दी गई है।
वहीं, नागौद रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी, सतना के सांसद गणेश सिंह, खजुराहो के सांसद विष्णु दत्त शर्मा और नागौद विधायक नागेंद्र सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि शामिल होंगे।
विंध्य के विकास को मिलेगी नई गति
सतना-देवेंद्रनगर और रीवा-चुरहट रेलखंडों का विकास विंध्य क्षेत्र में रेल संपर्क बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। बेहतर रेल कनेक्टिविटी से यात्री सुविधाओं के विस्तार, माल परिवहन, औद्योगिक विकास, पर्यटन और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलने की संभावना है। आने वाले समय में ललितपुर-सिंगरौली रेल लाइन परियोजना का विस्तार भी क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
